मध्यप्रदेश

इंदौर मेडिकल कॉलेज में न विज्ञापन, न परीक्षा; सीधे नियुक्ति:इंदौर के मेडिकल कॉलेज में इनहाउस पदों पर मनमानी भर्ती, जांच में फर्जीवाड़ा साबित

इंदौर डेस्क :

मेडिकल कॉलेज में भर्ती घोटाला सामने आया है। इसमें स्क्रूटनी कमेटी ने गैर शैक्षणिक (इन हाउस) के 10 से ज्यादा पदों पर बिना विज्ञापन जारी किए, लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के बगैर ही नियुक्ति व प्रमोशन कर दिए। हद ये कि स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल एक कर्मचारी ने ज्यादा वेतन देख खुद ही अपनी नई नियुक्ति कर दी। जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

संभागायुक्त ने क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं से मामले की जांच करवाई तो तमाम गड़बड़ियां सामने आ गईं। दोषियों पर कार्रवाई के लिए डीन को प्रस्ताव देने का आदेश दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि आठ महीने बाद एक बार फिर संभागायुक्त कार्यालय में इस मामले की फाइल खुल गई है।

अपात्रों को भी दे दी नियुक्ति

कॉलेज में अगस्त 2022 में गैर शैक्षणिक (इन हाउस) पदों के लिए भर्ती हुई। स्क्रीनिंग कमेटी ने बिना विज्ञापन जारी किए 10 से ज्यादा कर्मचारियों की नियुक्ति व पदोन्नति दे दी। दो कर्मचारी मधुप्रसाद अटले और निर्मला परमार को तीन माह पहले इसी कमेटी ने अपात्र घोषित किया था, लेकिन नई प्रक्रिया में उन्हें पात्र पाया गया।

स्क्रीनिंग कमेटी मेंबर स्थापना शाखा प्रभारी कीर्ति पिल्लई ने पात्रता नहीं होने पर भी खुद का डायटीशियन के पद पर नियुक्ति आदेश जारी करा लिया, क्योंकि उसमें वेतन ज्यादा था। कमेटी में में डीन डॉ. संजय दीक्षित, डॉ. एसडी बंसल, कीर्ति पिल्लई (इन्होंने ली नई नियुक्ति), निर्मला गुर्जर, डॉ. अरोरा, डॉ. पूजा सोलंकी, डॉ. अजय सोनी, डॉ. रत्नानी, सतीश हिरवे आदि शामिल थे।

इन कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल

कीर्ति पिल्लई स्टुवर्ड से डायटीशियन, निर्मला गुर्जर सहायक वर्ग 3 से स्टोर कीपर, जितेंद्र राठौर वार्ड सर्वेंट से सहायक​ वर्ग 3, मधु अटले किचन सर्वेंट से सहायक वर्ग 3, निर्मला परमार भृत्य से सहायक वर्ग 3, सुषमा राठौर चतुर्थ श्रेणी से स्टेनो टाइपिस्ट, कविता शिर्के चतुर्थ श्रेणी से सहायक वर्ग 3, सोनिका शर्मा को किचन सर्वेंट से सहायक वर्ग 3, जयप्रकाश शुक्ल किचन सर्वेंट से रिकॉर्ड क्लर्क आदि।

अपात्र को पात्र घोषित करने दोबारा बैठक की

स्वास्थ्य सेवाएं के क्षेत्रीय संचालक डॉ.आर सी पनिका ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यों की जांच कमेटी बनाई। जांच में पाया गया कि भृत्य निर्मला परमार को 25 अप्रैल 2022 को दस्तावेज पूरे नहीं होने पर अपात्र कर दिया गया था। 1 अगस्त 2022 को उसे बैठक कर पात्र बता दिया, लेकिन दोबारा बैठक किस नियम के तहत की गई इसके दस्तावेज नहीं थे। किचन सर्वेंट मधुप्रसाद अटले को 25 अप्रैल 2022 को दस्तावेज अधूरे होने पर अपात्र कर दिया था। तीन महीने बाद इन्हें भी पात्र बता दिया।

कार्रवाई के निर्देश दिए हैं

जांच में गड़बड़ी सामने आई है। डीन को नियुक्तियों को निरस्त कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

– संजय कुमार सराफ, संयुक्त आयुक्त, इंदौर संभाग

हमने प्रतिवेदन भेज दिया है

हमने प्रतिवेदन बनाकर संभागायुक्त कार्यालय को भेज दिया है। बाकी की जानकारी मैं कागज देखकर ही बता पाऊंगा।

– डॉ. संजय दीक्षित, डीन

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