MP सियासी हलचल – इंदौर में संस्कृति मंत्री की दिग्गी राजा को चुनौती-महू से लड़िए चुनाव: बोलीं- आइए, हम तैयार खड़े हैं
इंदौर डेस्क :
‘मैं तो कहती हूं कि दिग्विजयसिंह को महू से चुनाव लड़ना चाहिए। हम तैयार खड़े हैं। आमंत्रण दे रही हूं।’ यह बात 23 मई को मप्र की संस्कृति मंत्री और महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने इंदौर में कहकर सियासी हलचल मचा दी। दरअसल, उनकी यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई है, जब दिग्विजयसिंह राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी के कहने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। सिंधिया की पारंपरिक सीट गुना-शिवपुरी है जबकि उषा ठाकुर दिग्विजयसिंह को मालवा बुलाकर महू से लड़ने का न्योता दे रही हैं।
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस ने मैदान संभाला हुआ है। उषा ठाकुर का यह बयान उस वक्त आया है जबकि दिग्विजयसिंह इंदौर क्षेत्र में ही दौरे पर हैं। वे सांवेर सीट पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने आए हुए हैं। इस सीट पर कांग्रेस से भाजपा में आए सिंधिया समर्थक मंत्री तुलसीराम सिलावट विधायक हैं।
दिग्विजय सिंह के इंदौर दौरे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मध्यप्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि “मैं दिग्विजय सिंह को आमंत्रित करती हूं कि आप महू से ही लड़ लीजिए। मेरा आमंत्रण उनको दीजिए की महू से चुनाव लड़ने आइए, फिर जब मंत्री ठाकुर से पूछा गया कि क्या वे दिग्विजय सिंह को सीधी चुनौती दे रही हैं तो वे बोली- मैं उन्हें चुनौती नहीं दे रही हूं। भारतीय जनता पार्टी की सेवा, भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति, हमारी जन कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर हम पूरी कांग्रेस को चुनौती देते हैं कि आओ मैदान में हम तैयार खड़े हैं।”
पार्टी में बगावत के सुर उठने पर ये बोलीं संस्कृति मंत्री
वहीं बीजेपी के नाराज कार्यकर्ताओं के सवाल को लेकर मंत्री ठाकुर ने कहा कि “कार्यकर्ताओं की नाराजगी की वजह से कर्नाटक चुनाव नहीं हारे हैं। आप विश्लेषण करेंगे तो देखेंगे कि हमारा जितना वोट था वो हमें मिला है। कहीं हम हारे नहीं है। रही हमारी घर-परिवार की राजी-नाराजी की बात तो जब संयुक्त परिवार होता है। बड़ा परिवार होता है, तो ये सब चलता रहता है। मतभेद हमारे बीच में न था, न है और न होगा। टिकट मांगना सबका अधिकार है। सबने मांगा। जिसको मिला, सभी ने मिलकर उसको जिताया।”
लक्ष्मणसिंह कर चुके हैं भाई के चुनाव लड़ने से इंकार
हालांकि, यह साफ नहीं है कि दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ेंगे भी या नहीं। इसकी वजह बताते हुए उनके भाई लक्ष्मणसिंह कह चुके हैं कि न तो सिंधिया चुनाव लड़ेंगे, न दिग्विजयसिंह। इस पर बात करते हुए उन्होंने हाल ही में इंदौर में कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे राज्यसभा सदस्य हैं। दिग्विजयसिंह से भी मुझे लगता है कि चुनाव नहीं लड़ेंगे।
पंचायत मंत्री भी दिग्विजयसिंह पर दे चुके हैं बयान
दिग्विजयसिंह के चुनाव लड़ने के बयान के बाद सिंधिया समर्थक पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने एक दिन पहले मुरैना में कहा था कि दिग्विजयसिंह यदि गुना से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो हम स्वागत करेंगे और हराकर घर बैठा देंगे।
सिवनी में कुछ दिन पहले दिग्विजयसिंह ने कही थी चुनाव लड़ने की बात
इससे पहले, सिवनी में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अगर कांग्रेस पार्टी आदेश देगी तो वे गुना लोकसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हैं। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा था कि ‘कांग्रेस पार्टी जो कहेगी वो करूंगा, फिलहाल राज्यसभा सांसद हूं, इसलिए चुनाव लड़ने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अगर पार्टी टिकट देगी तो चुनाव लड़ूंगा। सिंह का यह बयान मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी ने इस तरह का कोई संकेत उन्हें नहीं दिया है।



