आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया लोकेश: 5 पॉकलोन, 6 जेसीबी मशीनों से चला 24 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन।
आनंदपुर डेस्क :
लगातार 24 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन ही 8 वर्षीय लोकेश की जिंदगी नहीं बचा सका सुबह 7:00 बजे बच्चे की नाइट विजन कैमरा से मूवमेंट देखी गई थी। और 11:00 खुदाई का कार्य काम पूरा हो गया और बच्चे को बोरवेल के गड्ढे से निकाल लिया गया तत्पश्चात डॉक्टरों की टीम ने उसे वहां पर 35 मिनट तक औपचारिक चेकअप करने के पश्चात 50फीट गहरी और 70 फीट लंबी पैनल से बाहर लेकर आए और सीधे एंबुलेंस में रखकर लटेरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां पर डॉक्टरों ने जांच पड़ताल करने के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया।

कलेक्टर बोले दोसियो पर होगी कार्रवाई
विदिशा कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने इसकी पुष्टि की। और बताया कि जो भी व्यक्ति इस घटनाक्रम का दोषी है उस पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। साथ ही बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित परिवार को ₹400000 का मुआवजा देने का ऐलान किया है। और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है। बताया कि हमारी एनडीआरएफ की टीम ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पूरी कोशिश की गई की लोकेश को सकुशल बचा लिया जाए। लेकिन लोकेश को नहीं बचाया जा सका
24 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
5 पोकलेन, 6 जेसीबी मशीनों से 24 घंटे तक लगातार लोकेश को सकुशल बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। लेकिन लोकेश को नहीं बचाया जा सका
50 फीट गहरा और 70 फीट लम्बा गड्ढा खोदकर उसके अंदर 6 फीट की टनल बनाकर लोकेश को निकाला गया
लटेरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में
बच्चे का पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव गांव खेरखेड़ी ले जाया गया है, जहां अंतिम संस्कार कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे की मौत करीब 12 घंटे पहले हो चुकी थी। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर सुबह तक बच्चे में मूवमेंट की बात कहते रहे। कलेक्टर ने कहा कि एक हफ्ते में जिले के सारे बोरवेल के गड्ढे ढंक दिए जाएं। प्रशासन द्वारा इसके प्रयास किए जाएंगे।
मासूम बोरवेल में 43 फीट गहराई में फंसा था। बोरवेल 60 फीट गहरा है। इसके समानांतर मंगलवार को दिन भर और फिर रातभर गड्ढे की खुदाई की गई। आज सुबह 8 बजे तक 50 फीट गड्ढा खोदा गया, इसके बाद 6 फीट टनल बनाकर बच्चे को निकाला गया। खुदाई के बाद टनल के पास एम्बुलेंस खड़ी कर दी गई थी। चाइल्ड स्पेशलिस्ट और मेडिकल स्टाफ को टनल के पास बुला लिया गया। मौके पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव, एसपी मोनिका, लटेरी SDM हर्षल चौधरी, ASP समीर यादव मौजूद थे।
खेरखड़ी पठार निवासी दिनेश अहिरवार का 8 वर्षीय बेटा लोकेश बोरबेल के गड्ढे में गिर गया है घटना की जानकारी लगते ही पुलिस बल और एसडीईआरएफ का बचाव दल मौके पर बचाव और राहत कार्य में लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा 60 से 70 फीट गहरा है जिसमें बच्चा दौड़ते समय गिर गए हैं।
मंगलवार सुबह 10:30 बजें घटी थी घटना

घटना मंगलवार सुबह लगभग 10:30 बजे की है। सूचना लगते ही पुलिस बल और पूरा प्रशासन घटना स्थल पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुट गया था और आधे घंटे में ही बच्चे को ऑक्सीजन प्रोवाइड करा दी गई थी, सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट और सरकारी डॉक्टरों और पैरामेडिकल का अमला भी मौके पर मौजूद रह। नाइट विजन कैमरा डालकर बच्चे पर निगरानी रखी जा रही थी बुधवार सुबह 6:30 बजे आखरी बार नाइट विजन कैमरा से बच्चे की मूवमेंट देखी गई।
मंगलवार दोपहर से ही जिला सहित प्रदेश के आला अधिकारी और सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि गगनेंद्र रघुवंशी सहित हजारों लोग मौके पर मौजूद रहे।
हालाकि प्रशासन के आला अधिकारियों ने पूरी कोशिश कि कि लोकेश को सकुशल बचाया जा सके लेकिन उसको नहीं बचाया जा सका। लोकेश को निकाला गया था उसी समय से लोकेश के दादा दादी और मम्मी पापा का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था हालांकि उनको तुरंत कुछ भी नहीं बताया।
यहां उलझ सकता है मामला बताया जाता है कि यह खेल रामस्वरूप शर्मा ने किसी दूसरे व्यक्ति से गिरवी रखा है और रामस्वरूप शर्मा ने पूर्व जनपद सदस्य रघुवीर सिंह अहिरवार को बटिया पर दिया है यह भी बताया जा रहा है कि यह बोरवेल का गड्ढा 3 से 4 वर्ष पुराना है उस समय इसमें पानी नहीं निकला था जिसके चलते इसे ऐसा ही छोड़ दिया गया। जिसका परिणाम आप सभी को देखने को मिला।
जानकारी मिली है कि पूर्व जनपद सदस्य रघुवीर सिंह अहिरवार और रामस्वरूप शर्मा हो बुधवार की सुबह पुलिस ने अरेस्ट भी कर लिया है अब देखना यह है कि कार्यवाही किस पर होती है।
मोरारी बापू ने दी सांत्वना

जैसे ही बच्चे की घटना का समाचार अंतर्राष्ट्रीय संत मोरारी बापू को पता लगा तो वह कथा को पहले ही समापन कर पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिवार जनों को सांत्वना दी।



