भोपाल

एक लाख करोड़ की जमीनें दूसरे राज्यों में ‘लावारिस’: मध्यप्रदेश की बेशकीमती जमीनों का रखरखाव नहीं, कई जगह कब्जे

भोपाल डेस्क :

मप्र सरकार की देश में हजारों एकड़ जमीन ‘लावारिस’ हालत में है। ज्यादातर जमीन महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हैं। इन जमीनों की अनुमानित कीमत एक लाख करोड़ रु. के आसपास है। केरल के वायनाड जिले के विचानी स्टेट की 550 एकड़ जमीन को सरकार लीज पर देने जा रही है। इसके लिए ओपन टेंडर बुला रहे हैं। जबकि मुंबई की सैकड़ों एकड़ जमीन कानूनी विवाद में उलझी है। इसमें थाणे जिले की 365 एकड़ जमीन भी है।

ये जमीन मुंबई से 35 किमी दूर माजीवाड़ा, पाचपाखड़ी और येवूर गांव में है। धारावी में 58 एकड़ जमीन थी, जिस पर कब्जा हो चुका है। नागपुर और झांसी में मप्र सड़क परिवहन निगम की जमीनें हैं। नागपुर में 3 एकड़ की 150 करोड़ लगाई गई है, जबकि झांसी की जमीन पर कब्जा है, जिसे हटाने वहां जिला प्रशासन से बातचीत चल रही है। राज्य सरकार ने केरल-महाराष्ट्र की इन संपत्तियों के रखरखाव के लिए प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी बनाई है। केरल की प्रापर्टी पर हुए अतिक्रमणों को हटाने को लेकर मप्र और केरल सरकार में बात चल रही है। इस जमीन के बारे में 1978 और 2020 में मूल्यांकन कराया गया है।

16 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद मिला था विनाची एस्टेट पर कब्जा

मप्र सरकार की प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी ने विनाची एस्टेट की 550 एकड़ की संपत्ति 1938 में मोहम्मद इलियास सेठ से ली। पहले ये जमीन सेठ ने किसी कंपनी को गिरवी रखी थी। जब कर्ज अदा नहीं हुआ तो बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे प्रोविडेंट कंपनी को हस्तांतरित कर दिया। इसे 1950 में इपन चाको को लीज पर दे दिया था। 16 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इस संपत्ति को मुक्त कराया जा सका। जमीन की अनुमानित कीमत 5 हजार करोड़ रुपए है।

इन जमीनों के मालिकाना हक में दिक्कत

टैंक बंदर
मुंबई में मोदी कंपाउंड (टैंक बंदर रोड) घोड़पदेव क्रास रोड नंबर -1 पर स्थित है। इसका क्षेत्रफल 12511 वर्ग गज है, जिसमें 43 भूखंडों पर किराएदारों ने अपनी चालें बनाई हैं एवं इनको किराए पर दे रखा है। इस संपत्ति में कंपनी के किराएदारों की संख्या 204 है।

लवलेन संपत्ति

यह संपत्ति मोदी शा रोड लव लेन मजगांव में हैं। क्षेत्रफल 2050 वर्गमीटर है। इसमें तीन पुरानी चालें एवं अन्य चालें किराएदारों ने बनवाई हैं। किराएदार की संख्या 1 है। यह संपत्ति 1940 के पूर्व किराए पर दी गई थी। इस संपत्ति की लीज समाप्त हो गई है।

एडवर्ड विला

यह संपत्ति 11ए कफ परेड कोलाबा में है। इसका क्षेत्रफल 1416 वर्गगज है। यहां दो मंजिला इमारत है जिसका निर्माण 1909 में हुआ। पूरी मुक्त हो चुकी है। रेस्ट हाउस खुल गया है। अपनी सरकार का। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के नाम माना है।

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