मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा 8 जिलों में अनियमितता: जिस मद के लिए बजट नहीं उस पर खर्च किए लाखों रुपए

भोपाल डेस्क :
स्कूल शिक्षा विभाग में बिना बजट आवंटन के राशि खर्च करने का मामला सामने आया है। प्रदेश के आठ जिलों ने उन गतिविधियों पर राशि खर्च कर दी, जिसके लिए बजट ही नहीं था। विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किए गए थे। अब इन जिलों के जिला परियोजना समन्वयकों से इस मामले को वित्तीय अनियमितता मानते हुए जवाब मांगा गया है। यह राशि करीब 11 लाख रुपए है। समग्र शिक्षा अभियान में समावेशी शिक्षा गतिविधियों में विशेष आवश्यकताओं वाले विद्यार्थियों पर फोकस किया जाता है।
वर्ष 2023-24 के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र से स्पोर्ट्स एंड एक्सपोजर विजिट, ओरिएंटल ऑफ प्रिंसिपल्स, एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेटर्स, पैरेंट्स/गार्जियन और एनवायर्नमेंट बिल्डिंग प्रोग्राम गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए कोई निर्देश नहीं दिए गए थे। इसके बावजूद इन गतिविधियों पर राशि खर्च कर दी गई। अब संबंधित डीपीसी यह दलील दे रहे हैं कि तत्कालीन समय में राशि की जानकारी ऑनलाइन अपलोड नहीं हुई थी। राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है।
स्पष्टीकरण देना शुरू
संबंधित जिलों के जिला परियोजना समन्वयकों ने राज्य शिक्षा केंद्र के आईईडी नियंत्रक को स्पष्टीकरण देना भी शुरू कर दिया है। निवाड़ी के जिला परियोजना समन्वयक ने बताया है कि उक्त राशि वित्तीय वर्ष 2022-23 से संबंधित है, जो पोर्टल पर भुगतान नहीं की जा सकी थी। भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी।
यहां खर्च की राशि
अनूपपुर , मंडला, सीहोर, सिवनी, शाजापुर और टीकमगढ़ ने स्पोर्ट्स एंड एक्सपोजर विजिट पर राशि खर्च कर दी। इसी तरह ओरिएंटेशन ऑफ प्रिंसिपल्स, एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेटर्स आदि पर निवाड़ी जिले ने और एनवायर्नमेंटल बिल्डिंग प्रोग्राम में सतना जिले ने राशि व्यय की।
यह वित्तीय अनियमितता का मामला
कुछ जिलों ने स्पष्टीकरण दिया है। इसमें बताया कि राशि पिछले वर्ष की थी। लेकिन, यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इस संबंध में सभी संबंधित जिलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जो मद स्वीकृत नहीं है, उसमें राशि कैसे खर्च कर दी गई। – डॉ. आरएस तिवारी, नियंत्रक आईईडी, राज्य शिक्षा केंद्र



