बंद किए गए खुले बोरवेल कुएं और बावड़ियों का सर्वे कर जानकारी प्रस्तुत कराने के निर्देश: सर्वे कार्य कराने हेतु नोडल व सहायक नोडल बनाए गए
विदिशा डेस्क :
शासन द्वारा प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने आदेश जारी कर खुले बोरवेल तथा कुएं, बावडियां, जिन्हें फर्शी- गर्डर, सीमेंट कांक्रीट से बंद किया गया है का सर्वे कराए जाने तथा उन्हें पाटने की कार्यवाही करने हेतु अनुविभाग स्तर पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को नोडल अधिकारी, संबंधित नगरीय क्षेत्र के लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा पंचायत क्षेत्र के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अनुविभागीय दण्डाधिकारीध्नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी क्षेत्रातर्गत निम्नानुसार कार्यवाही समय-सीमा में कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे बोरवेल, जिनकी केसिंग निकाल ली जाती है, जो मिट्टी धंसक जाने से खतरनाक हो जाते हैं, ऐसे बोरवेल जिनमें बच्चों के गिरने की घटना घटित होने की संभावना है, ऐसे
कुंओं तथा बावड़ियों जिनके ऊपर फर्शी- गार्डर डालकर अथवा सीमेंट कांक्रीट डालकर निर्माण किया गया हो, जिनके धंसकने की संभावना हो, का नगरीय निकाय तथा ग्राम पंचायतो के माध्यम से सर्वे कार्य आगामी 30 दिवस की समयावधि में पूर्ण करायेगें।
ऐसे भूमि स्वामी जिनकी भूमि पर उपरोक्त प्रकार के खुले बोरवेल अथवा कुआं, बावड़ी पाई जाएं, उन्हें सूचीबद्ध किया जाए तथा उन्हें ऐसी संरचनाओं को पूर्णतः पाटने के निर्देश दिए जाएं।
निर्धारित समयावधि में उक्त कार्य पूर्ण नहीं किए जाने पर संबंधित नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत अनुविभागीय दण्डाधिकारी को लिखित रूप में ऐसे भूमि स्वामियों की सूची प्रस्तुत करेगी।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी ऐसे खुले बोरवेल तथा कुएं, बावड़ी पर से उक्त प्रकार के अवैध निर्माण को विधिवत हटाकर पाटने की कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगें। उक्त कार्यवाही ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय के माध्यम से पूर्ण कराई जाए एवं व्यय होने वाली संपूर्ण राशि की वसूली संबंधित भूमि स्वामी से की जाए।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा ऐसे भूमि स्वामियों पर, जिनके द्वारा निर्देशानुसार बोरवेल, कुएं पाटने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है उनके विरूद्ध युक्तियुक्त आपराधिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी उक्त संबंध में की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन 45 दिवस की अवधि उपरांत जिला कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे।



