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खंडवा में रॉड से पीट-पीटकर एक आदिवासी की हत्या: परिजनों ने आरोपियों के घर के सामने की अंत्येष्टि

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मध्यप्रदेश के खंडवा में एक आदिवासी युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने युवक को रॉड से जमकर पीटा। हत्या की वजह आपसी विवाद है। वहीं प्रेम-प्रसंग की कहानी भी सामने आ रही है। जिन लोगों ने युवक को पीटा था उनके नामों का खुलासा युवक ने खुद मौत से पहले वीडियो में किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिजनों ने मंगलवार को सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इसके बाद आरोपियों के घर के सामने ही अंतिम संस्कार किया।

मामला खालवा थाना क्षेत्र के गांव कोठड़ा में सोमवार देर रात 3 बजे का है। एसपी विवेकसिंह ने बताया कि फूलचंद पिता केंडे की हत्या हो गई। वह लहूलुहान हालत में घर पहुंचा और अपने साथ मारपीट की घटना की जानकारी परिजनों को दी। उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसे लोहे की रॉड से पीटा। परिजन उसे एंबुलेंस में लेकर खंडवा जिला अस्पताल रवाना हुए। रास्ते में फूलचंद की मौत हो गई।

तीन लोगों पर हत्या का केस दर्ज
आरोपी पक्ष का गांव में दबदबा है, आदिवासी समाज ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की। परिवार को न्याय, मुआवजा दिलाने के लिए पुलिस थाने का घेराव कर चक्काजाम किया। फूलचंद की पत्नी के बताए अनुसार पुलिस ने कोठडा के दुर्गालाल, रामदयाल उर्फ रामू और मयाराम पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी है। इधर, आरोपी पक्ष गवली (यादव) समाज से है। आदिवासी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

परिवार को 51 लाख रुपए मुआवजे की मांग, चक्काजाम
इधर, मृतक का परिवार मजदूरी करके भरण-पोषण करता है। आदिवासी समाज ने फूलचंद की हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, केस में आरोपियों की संख्या बढ़ाने और आरोपियों को फांसी देने की मांग रखी। साथ ही परिवार को 51 लाख रुपए की आर्थिक मदद और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी की। समाज के लोगों ने देर रात को ही थाने का घेराव किया था। उसके बाद मंगलवार दोपहर तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर खालवा में चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने आश्वस्त किया कि आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, तब जाकर चक्काजाम खोला गया।

आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग
मृतक फूलचंद के अंतिम संस्कार के पहले परिवार वालों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम किया। आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की समझाइश के बाद अंतिम संस्कार किया। आक्रोश इतना था कि, अंतिम संस्कार मुक्तिधाम पर न करते हुए आरोपियों के घर के सामने ही किया गया।

वनमंत्री विजयशाह का क्षेत्र है, उनके लिए बनाया था वीडियो
आदिवासी बहुल खालवा हरसूद विधानसभा में आता है। यहां से प्रदेश सरकार में वनमंत्री विजयशाह विधायक है। आदिवासी युवक के परिवार वालों ने आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो बनाया था। जिसमें वह मौत से पहले आरोपियों के नामों का खुलासा कर रहा है। यह वीडियो उन्होंने मंत्री विजयशाह को देने के लिए दिया था। ताकि, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो सकें। इधर, कांग्रेस नेता मुकेश दरबार ने चक्काजाम में शामिल होकर आदिवासी युवक की हत्या को मंत्री की नाकामी बताई।

मंत्री बोले- जघन्य हत्याकांड का विरोध करता हूं
मंत्री विजयशाह का कहना है कि, खालवा में आदिवासी व्यक्ति की जघन्य हत्या की गई। हत्याकांड में शामिल आरोपियों को बख्शा नही जाएगा। चाहे अपराधी किसी भी जाति-धर्म का हो। एफआईआर में 6 नाम आए थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मेरा बेटा दिव्यादित्य खुद मृतक की पत्नी को लेकर एसपी के पास गया हुआ है। परिवार को नुकसान की पूर्ति नही की जा सकती है। शासन स्तर से परिवार को 8 लाख 25 हजार रुपए की मदद की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद 4 लाख 25 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। इसके बाद कोर्ट में चालान होने के बाद बाकी की राशि देंगे।

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