पूर्व CM के बेटे दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल: पिता की तस्वीर साथ लेकर पहुंचे PCC दफ्तर, बोले- मोदी जी ने कहा- न खाऊंगा न खाने दूंगा, इन गूंगे-बहरों ने शायद सुन लिया-‘खाओ और खाने दो’
भोपाल डेस्क :
पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने शनिवार को भाजपा छोड़ कांग्रेस जॉइन कर ली। इस मौके पर उन्होंने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा- ‘प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि मैं न खाऊंगा न खाने दूंगा लेकिन इन गूंगे-बहरों ने लगता है सुन लिया ‘खाओ और खाने दो’… । कर्नाटक में 40% कमिशन की बात कही जा रही है लेकिन मुझे लगता है मप्र में यह 80% है।’
दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे कैलाश जोशी के बेटे हैं। उनके साथ शनिवार को दतिया जिले से विधायक रहे राधेलाल बघेल भी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। दीपक जोशी ने कहा, जन संघ के चुनाव चिह्न दीपक को बीजेपी ने अपनी विचारधारा के साथ कहीं न कहीं विलोपित कर दिया। इसीलिए आज मैं कांग्रेस के साथ हूं। BJP के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव से मुलाकात के सवाल पर बोले- मैंने कल शाम 5 से 7 बजे तक 2 घंटे और रास्ता देखा, लेकिन मुझे कोई निराकरण नहीं मिला। मेरी विरासत ईमानदारी की है, उस पर मैं चलूंगा और निरंतर रहूंगा। शिवराज जी भले छोटा भाई मानते हों, लेकिन वे मेरे बड़े भाई कभी नहीं हैं। बहुत बदल गए हैं। उनको जिस प्रकार का काम करना चाहिए, वह काम नहीं कर पा रहे हैं।
जोशी ने कहा, आज मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। नेताओं की स्थिति यह है कि कार्यकर्ता उनसे मिल नहीं सकते। आज पार्टी को एक हाईटेक पार्टी के साथ एक ऐसी पार्टी का लेवल दे दिया, जिसमें सामान्य कार्यकर्ता उन तक पहुंच नहीं सकता। कमलनाथ ने कहा, दीपक जोशी ने मुझसे कहा कि मैं कोई टिकट नहीं चाहता। मुझे बहुत ताज्जुब हुआ। जोशी जैसे सच्चाई का साथ देने वाले और लोगों को भी मैं आमंत्रित करता हूं। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा- शिवराज चौहान के कारण उनकी पत्नी को एंबुलेंस नहीं मिली। इस वजह से उनकी मौत हुई। देवास कलेक्टर को शिवराज ने निर्देश दिए थे कि दीपक का फोन आए, तो कोई भी बात नहीं करना। दो साल पहले दीपक की पत्नी विजया जोशी का कोरोना से निधन हो गया था।
पिता की तस्वीर साथ लेकर पहुंचे PCC दफ्तर
जोशी भोपाल में 74 बंगले स्थित सरकारी आवास बी-30 से पिता कैलाश जोशी की तस्वीर साथ लेकर PCC दफ्तर पहुंचे। देवास से भोपाल रवाना होने से पहले जोशी ने सुबह खेड़ापति मंदिर में दर्शन किए। बड़ी बहन ने मंगल तिलक किया। समर्थकों ने उन्हें फरसा देकर रवाना किया। देवास में उन्होंने कहा, भाजपा में लॉलीपॉप देख – देखकर मेरा शुगर लेवल बढ़ गया है। अब शुगर लेवल घटाने के लिए शिष्टाचार वाली पार्टी में जाना है। अटल जी को अपना भगवान मानता हूं और मानता रहूंगा। किसी भी तरह का कार्य हो, बिना पैसे लिए और दिए नहीं हो रहा है, ऐसी भाजपा को आज मैं छोड़ रहा हूं।
कांग्रेस में शामिल होते समय जोशी के प्रमुख बयान…
फैसले में बेटे के साथ नहीं देने पर बोले…
मेरा बेटा साइबर लॉ में डिप्लोमा करके इंजीनियर है। अभी युवा है। मेरा यह फैसला चार दिन में हुआ है। मैं पार्टी को लगातार कह रहा था कि आप जोशी जी (कैलाश जोशी) का स्मारक बनवा दीजिए। उनके नाम से भोपाल में, देवास में कुछ कर दीजिए। पांच दिन से लगातार गुहार लगाने के बाद भी जब उन्होंने एक भी चीज नहीं की, तब जाकर कल शाम को 7 बजे यह फैसला लिया है।
1991 में पार्टी छोड़ने के फैसले पर…
1991 में केंद्र में बीजेपी समर्थित वीपी सिंह की सरकार थी और मध्यप्रदेश में सुंदरलाल पटवा की सरकार थी। उस समय मैं किसी कारण से आहत हुआ था। तब पार्टी छोड़ने का फैसला लिया था। पार्टी के भीष्म पितामाह कुशाभाऊ ठाकरे ने मुझे फोन लगाकर लखनऊ से कहा था- कल तक मेरा रास्ता देखो। मैं आ रहा हूं। सुबह वह कार्यालय आए। ठाकरे जी के समक्ष जाते ही मेरी आंखों में आंसू के अलावा कुछ नहीं था। एक इतना बड़ा नेता अदने कार्यकर्ता को मनाने के लिए आया। बीजेपी के नेताओं को यह करना था। प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव से मुलाकात हुई। कल शाम 5 से 7 बजे तक दो घंटे और रास्ता देखा। लेकिन, कोई निराकरण नहीं हुआ। आज मैं कांग्रेस के साथ हूं।
विधानसभा चुनाव लड़ने पर…
मैंने साफ कह दिया है कि मैं कांग्रेस के उस कार्यकर्ता का हिस्सा नहीं लूंगा, जो साढ़े चार साल से काम कर रहा है। जब उमा जी को टिकिट दे दिया गया, तब मेरे पिताजी का टिकट काट दिया गया था। उनसे कहा गया था कि खंडवा से चुनाव लड़ लीजिए, तब मेरे पिताजी ने कहा था कि नंद कुमार सिंह चौहान ने क्या गलती की है। मैंने पहले भी कहा है कि कांग्रेस में कोई चुनाव नहीं लडूंगा। पार्टी को अगर लगता है कि चुनाव लड़ाना है, तो मैं बुधनी से चुनाव लड़ने को तैयार हूं। देवास में कोई चुनाव नहीं लडूंगा।
सिंधिया के बीजेपी जॉइन करने पर…
सिंधिया जी का आना पार्टी का अपना निर्णय था। लेकिन, पार्टी में सिंधिया जी के आने के पहले 2018 के बाद से बिखराव शुरू हो गया था। नेतृत्व कार्यकर्ता की चिंता नहीं कर रहा था। एक तरफ हम कहते हैं कि कार्यकर्ता हमारी पूंजी है। वो पूंजी धीरे – धीरे घटती जा रही थी। सारी पूंजी कहीं न कहीं डायवर्ट हो रही है। आने वाले समय में हो सकता है यह दिवालिया हो जाए।
दीपक जोशी की बीजेपी से नाराजगी के ये बयान भी पढ़ लीजिए…
शिवराज ने पिता का स्मारक बनाने नहीं दी जमीन
मेरे पिता मुख्यमंत्री रहे। भोपाल से सांसद रहे। वहां से वोटर रहे। उनके नाम पर कुछ नहीं। उनका स्मारक बनाने की मांग की, तो कमलनाथ जी ने पूछा- बताइए कहां जमीन चाहिए। हाटपिपलिया में तीन महीने में जमीन का आवंटन कर दिया। शिवराज जी को 30 महीने स्मारक की स्वीकृति देने में लग गए।
मुझे देवास में आतंकवादी की तरह देखा जाता है
मैंने चुनाव नहीं लड़ने की बात कमलनाथ जी से कही है। राज्यसभा, लोकसभा में भी नहीं जाना चाहता और न ही संगठन (कांग्रेस) में पद नहीं चाहता हूं। अगर पार्टी चाहती है, तो मैं बुधनी से चुनाव लड़ने के लिए सहर्ष तैयार हूं। बस! पार्टी पहले बता दे। वर्तमान में भयंकर भ्रष्टाचार है। मैं जानता हूं कि देवास जिले के परिदृश्य में मुझे आतंकवादी जैसा देखा जाता है।
जनसंघ के जमाने से काम करने वालों को निकालकर फेंक दिया
मेरे साथ यदि कोई जाता है, तो जिलाध्यक्ष तुरंत फोन लगाता है कि इसके साथ नहीं जाना है। जब दूसरा कार्यकर्ता करता है, तो उसे शबाशी दी जाती है। इसका उदाहरण चंदाना मंडल का अध्यक्ष पवन सिंह है, जिसे बिना नोटिस दिए हुक्मरानों ने बिना सोचे समझे हटा दिया। मुझे हुक्मरानों से पूछना है कि जिसको आपने 6 साल के लिए डिफॉल्टर कहते हुए निकाला था, डेढ़ साल बाद उसी को गले लगाते हो, मालाएं डालते हो। जनसंघ के जमाने से बिना जाति-धर्म के आधार पर काम करने वाले को दूध में मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया। कार्यकर्ताओं का अपमान करने वाली पार्टी मुकाबला कर पाएगी, ऐसा नहीं लगता।
सेवड़ा से पूर्व विधायक भी कांग्रेस में शामिल
दतिया जिले की सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी के विधायक रहे राधेलाल बघेल भी आज कांग्रेस में शामिल हो गए। बीएसपी से विधायक बनने के बाद राधेलाल बीजेपी में शामिल हो गए थे। लेकिन, पिछले चुनाव में उन्हें बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया था।
सज्जन ने हाटपिपल्या में कांग्रेस का टिकट कर दिया घोषित
2 मई को पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने हाटपिपल्या में कहा था कि राजेंद्र सिंह बघेल दिल्ली भोपाल नहीं गए थे। उनका टिकट फाइनल हो गया था। इसी तरह राजवीर बघेल का टिकट भी फाइनल हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि उन्हें हाटपिपल्या सीट कांग्रेस के खाते में चाहिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके जारी होने के बाद दूसरे प्रत्याशियों ने जतन शुरू कर दिए हैं।
हाटपिपल्या सीट पर बदल गए समीकरण
हाटपिपल्या सीट पर राजेंद्र सिंह बघेल विधायक चुने गए थे। इसके बाद जब पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी की एंट्री हुई, तो वे लगातार दो बार यहां से विधायक रहे। इसके बाद मनोज चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में दीपक जोशी को चुनाव हरा दिया। एक बार फिर उप चुनाव में मनोज चौधरी की जीत हो गई। इस बार भी बीजेपी की ओर से मनोज चौधरी ही उम्मीदवार माने जा रहे हैं।



