ग्वालियर

नन्हें टाइगर की पहली झलक: मां के साथ ग्वालियर “चिड़ियाघर’ में अठखेलिया करते दिखे नन्हें टाइगर, बच्चे देखकर हुए खुश

ग्वालियर डेस्क :

ग्वालियर के चिड़ियाघर (ZOO) में मादा टाइगर ‘दुर्गा’ के दो नन्हे शावकों को डेढ़ महीने बाद पहली बार सोमवार को खुले आसमान के नीचे लाया गया। अभी तक वह हाउसिंग में समय गुजार रहे थे। शाम को हल्की फुल्की धूप में आते ही दोनों शावकों ने खूब अठखेलियां कीं। वह मां के साथ दौड़े और उसके पीछे-पीछे घूमते रहे।

जब मां बाड़ा में बने तालाब में जाकर बैठ गई तो दोनों दौड़ भाग कर मस्ती करने लगे। शावकों को मां के साथ खेलते देखकर सैलानियों ने भी खूब आनंद लिया। अब शावकों को रोजाना सुबह और शाम 1 घंटे के बीच हाउसिंग से बाहर ओपन एरिया में चिड़ियाघर घूमने आए सैलानियों के लिए लाया जाएगा।

ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में 6 मार्च की रात येलो टाइगर ‘दुर्गा’ ने दो शावकों का जन्म दिया था। इनमें एक पीला (नर) दूसरा सफेद (मादा) है। नन्हें टाइगरों को डॉक्टरों की टीम ने हाउसिंग में अपनी निगरानी में रखा था। यहां मां दुर्गा का दूध पीकर शावक पल रहे थे। विश्व में करीब एक सैकड़ा व्हाइट टाइगर हैं। उनमें दुर्गा और उसका नया शावक भी शामिल हैं। गर्मी की शुरुआत होते ही अप्रैल माह के दूसरे हफ्ते में यानी 43 दिन बाद शाम के करीब हाउसिंग एरिया से खुले आसमान में बाहर लाया गया। बाहर हल्की धूप में आकर टाइगर के बच्चे खुश नजर आए। उन्होंने खूब अठखेलियां कीं। मां के साथ खेले और दौड़-भाग भी की।
आपके दिए नामों से शावकों को मिलेगी पहचान
इस दाैरान चिड़ियाघर में आने वाले सैलानियों से शावकों के नामकरण के लिए पर्ची पर नाम लिखवाए गए हैं। चिड़ियाघर में दोपहर 11 से 5 बजे के बीच 100 सैलानियों ने प्रवेश किया था। सभी से दोनों शवकों को नाम लिखवाए गए। किसी ने नर शावक का नाम भोलू और मादा शावक का नाम नैंसी रखने का सुझाव दिया। लोगों के सुझाव, उनके नाम और मोबाइल नंबर के चिड़ियाघर के गेट पर रखे रजिस्टर में ले लिए गए हैं। एक हफ्ते इसी तरह नाम लिए जाएंगे। उसके बाद इन्हीं में से कोई दो अच्छे नामों का चयन कर इनका नामकरण किया जाएगा।

नन्हें टाइगर देखकर खुश हुए बच्चे
वही महाराष्ट्र के कोल्हापुर सेग्वालियर चिड़ियाघर घूमने आई सैलानी प्रियंका शर्मा का कहना है कि छुट्टियों में अपनी मां के घर छुट्टी बिताने आई हूं जब भी में ग्वालियर आती है तो चिड़ियाघर घूमने जरूर आती है जो मादा टाइगर ने शावकों को जन्म दिया है उन्हें देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा है मेरे बच्चे इन नन्हे शावकों को देखकर बहुत इंजॉय कर रहे हैं।
अभी शावक मां का दूध पी रहे हैं
उद्यान के इंचार्ज और डॉक्टर उपेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शावकों के जन्म के बाद से पहली बार उन्हें एनक्लोजर में निकाला गया है। जन्म के दौरान यलो मादा दुर्गा शावक का स्वास्थ्य ठीक है। उन्होंने बताया कि शावक अभी तो मां के दूध पर ही निर्भर हैं, लेकिन धीरे-धीरे उनको मटन भी दिया जा रहा है। अभी वह मां के साथ उसे चख रहे हैं। धीरे-धीरे मटन खाना सीख रहे हैं

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