मध्यप्रदेश

प्रदेष की राजधानी में 29 हजार पेड़ काटकर मंत्री-विधायकों के बंगले बनाने की योजना कैंसिल: पर्यावरण प्रेमियों ने निकाला कैंडल मार्च

भोपाल डेस्क :

भोपाल में 29 हजार पेड़ काटकर मंत्री-विधायकों के बंगले बनाने की योजना सरकार ने कैंसिल कर दी है। मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने आदेश जारी कर कहा है कि प्रस्ताव को निरस्त कर वैकल्पिक स्थान का परीक्षण किया जा रहा है।

इससे पहले सोमवार दोपहर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया X पर इसकी जानकारी दी। लिखा- नए भोपाल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र में मौजूदा वृक्षों को देखते हुए प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है। साथ ही अन्य वैकल्पिक स्थानों के परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध

इधर, सोमवार शाम को सेकेंड स्टॉप तुलसी नगर से बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल जलाकर विरोध जताया। इससे पहले पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने कहा था- ये 29 हजार पेड़ 50 से 70 साल तक पुराने हैं। जिन्हें बचाने के लिए लोग सड़क पर उतर रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का ट्वीट देखा है।

मौखिक तो पहले भी कई बार आश्वासन दिए जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मौखिक कहा था, लेकिन हमें आदेश चाहिए। सरकार आदेश निकाले। इसके बाद ही हटेंगे।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा बोले-सरकार आदेश जारी करें

विजयवर्गीय के ट्वीट के बाद पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने X पर लिखा था- मंत्री जी ने बताया है कि विधायकों और मंत्रियों के लिए बनाए जा रहे आवासों को शिवाजी नगर एवं तुलसी नगर में नहीं बनाया जाएगा। उनका आभार एवं धन्यवाद। लेकिन, ट्वीट से कुछ नहीं होगा। सरकार आदेश जारी करें, और जहां पर इस प्रोजेक्ट स्थानांतरण कर रही है, वह जगह चिह्नित करें। जनता को बताए कि वहां भी पेड़ों की कटाई नहीं होगी। यह आम जनता की जीत है। भोपाल में कहीं भी इस प्रकार पेड़ कटाई नहीं होने देंगे।

विधायक ने कहा था- नहीं कटेंगे पेड़

14 जून को नूतन कॉलेज के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान पहुंचे विधायक भगवानदास सबनानी ने भी कहा था कि भोपाल की पहचान तालाब और यहां की हरियाली है। किसी भी हाल में पेड़ नहीं कटेंगे। विधायकों के आवास ऐसे स्थानों पर बनेंगे जहां पेड़ काटने की गुंजाइश नहीं रहे।

इससे पहले 13 जून को शिवाजी नगर एवं तुलसी नगर की महिलाएं प्रदर्शन के दौरान पेड़ों से चिपक गई थीं। महिलाओं ने कहा कि पेड़ काटे जाते हैं तो उग्र प्रदर्शन करेंगे। फिर चाहे सरकार उन्हें जेल में ही क्यों न बंद कर दें। प्लान को सरकार मंजूर न करें।

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