एफएलएन सर्वे में विद्यार्थियों की दक्षता का हुआ आंकलन: 18 स्कूल पहुंचा जांच दल

आनंदपुर डेस्क :
राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा प्रदेश के सम्पूर्ण जिलों में आयोजित FLN सर्वे कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वे के तीसरे दिन जिले के लटेरी ब्लॉक के 18 स्कूलों में कक्षा 2 एवं 3 के विद्यार्थियों की दक्षता का आंकलन जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान ( DIET ) द्वारा नियुक्त दल के सदस्यों ने किया,
इसी क्रम में जनशिक्षा केंद्र आनंदपुर के अंतर्गत आने वाले शासकीय नवीन माध्यमिक विद्यालय गोलाखेड़ा में सर्वे दल ने स्कूली बच्चों की दक्षता का आंकलन किया, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान ( DIET ) के निरीक्षण दल में डॉ.आर के जैन व्याख्याता, मृदुबाला प्रधान वरिष्ट व्याख्याता, रमेश ठाकुर व्याख्याता, सुरेन्द्र भण्डारी बी.ए.सी, शैलेन्द्र तिवारी विकास खण्ड एफएलएम मास्टर ट्रेनर, संजीव श्रीवास्तव जनशिक्षक के द्वारा स्कूल में उपलब्ध संसाधनों और शैक्षणिक व्यवस्थाओं जायजा लिया तथा देख कर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालयीन स्टॉफ को अन्य आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किया, गोलाखेडा विद्यालय में शिवानंद शर्मा संस्था प्रभारी, बृजबाला श्रीवास्तव शिक्षिका, हेमंत सेन अतिथि शिक्षक, गोर्वधन साहू अतिथि शिक्षक एवं दीपा रजक पदस्थ हैं।

क्या है एफएलएन :
FLN का फुल फॉर्म Foundational Literacy & Numeracy है, जिसका हिंदी मतलब ‘मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता अथवा संख्या ज्ञान’ होता है FLN एक राष्ट्रीय मिशन है जिसे भारत सरकार की नई शिक्षा निति 2020 के निपुण भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2021 में शुरू किया गया है।
यह केंद्र सरकार द्वारा एक नई शिक्षा निति निपुण भारत मिशन के द्वारा लागु होता है, इसमें शून्य से आठ साल के बच्चे तक पर ध्यान दिया जाता है, इस मिशन का मुख्य उद्देश्य 3 वर्ष से 9 वर्ष तक के आयु के सभी बच्चों का वर्ष 2025-26 तक समग्र विकास करना है।
भारत सरकार द्वारा देश के हर बच्चे को शिक्षित करने के लिए भारत सरकार द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है। इसी तरह देश के छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार द्वारा निपुण भारत मिशन की शुरुआत की गई है। ताकि देश में नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा शिक्षा का लाभ मिल सके और साथ ही बच्चे और उनके अभिभावक भी शिक्षा के प्रति जागरूक हो सके। NIPUN Bharat Mission के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को बढ़ावा देना है ताकि आगे चलकर बच्चों का कारगर विकास हो सके। सरकार का प्रयास है कि देश के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, बुनियादी शिक्षा प्रदान कर बच्चों में शिक्षा का पूर्ण सदुपयोग



