मध्यप्रदेश

हवाओं का रुख बदला, मध्यप्रदेश में पड़ने लगी ठंड: पचमढ़ी, नौगांव-मलाजखंड सबसे ठंडे

न्यूज़ डेस्क :

हवाओं का रुख बदलने से मध्यप्रदेश में रात में ठंड बढ़ गई है। टेम्प्रेचर में एक से दो डिग्री तक गिरावट आई है। पचमढ़ी, नौगांव और मलांजखंड सबसे ठंडे हैं। यहां पारा 12-13 डिग्री के आसपास चल रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि अगले 5 दिन तक टेम्प्रेचर में गिरावट होगी। 2 नवंबर से उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होने से तापमान में एक से दो डिग्री तक बढ़ोतरी होगी।

मौसम वैज्ञानिको ने बताया कि उत्तर भारत और हिमाचल प्रदेश के ऊपर एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस लौट गया है। इस कारण रात में हवाओं का रुख उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी हो गया है। चूंकि, उत्तर भारत में बर्फबारी हो रही है। इससे ठंडी हवाएं चल रही है। हालांकि, दिन में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलती हैं। इस कारण दिन में तापमान 32 डिग्री के आसपास ही है।

2 नवंबर को फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस
मौसम वैज्ञानिक पांडे ने बताया कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई शहरों में अभी रात का तापमान 17 से 18 डिग्री तक है। 30-31 अक्टूबर तक यहां तापमान 15-16 डिग्री तक पहुंच जाएगा। हालांकि, उत्तर भारत में 2 नवंबर तक एक पश्चिमी विक्षोप एक्टिव होगा। इसका असर मध्यप्रदेश में तो नहीं होगा, लेकिन इससे तापमान में बढ़ोतरी जरूर होगी।

अभी ऐसा रहा मौसम

  • गुरुवार को भोपाल में दिन का तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर में 32.1 डिग्री, ग्वालियर में 32.7 डिग्री, उज्जैन में 33.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह रात में तापमान भी कम रहा। भोपाल में 17 डिग्री, इंदौर में 17.8 डिग्री, ग्वालियर में 16.2 डिग्री, उज्जैन में 17.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 16 डिग्री तक आ गया।
  • पचमढ़ी में सबसे कम 12.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव में नौगांव 13 डिग्री और मलांजखंड में पारा 13.6 डिग्री रहा। यहां दिन के तापमान में भी कमी आई है।

अक्टूबर में ठंड, गर्मी और बारिश वाला मौसम
मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अक्टूबर में तीनों मौसम का ट्रेंड है। हर साल बारिश, गुलाबी ठंड और दिन में गर्मी का असर रहता है। इस बार भी यही ट्रेंड है।

  • 15 अक्टूबर के पहले तक भोपाल, ग्वालियर, दमोह, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों अक्टूबर में ऐसी गर्मी पड़ी कि जैसे मार्च-अप्रैल का महीना हो। कई जिलों में पारा 37 डिग्री से ज्यादा ही रहा। अब पारा औसत 32 डिग्री तक आ गया है।
  • इसके अलावा अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में गुलाबी ठंड का असर भी रहा। हालांकि, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव नहीं होने, राजस्थान से सूखी हवा के आने और धूप की तीव्रता 20% तक बढ़ने से गुलाबी ठंड का असर कम हो गया, जो 23 अक्टूबर से फिर बढ़ गया।
  • बीच में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से बारिश और बादल छाए रहे। इस तरह अक्टूबर में बारिश का ट्रेंड भी बरकरार रहा।

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