मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव बोले- अफसरों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी: जनता के काम करने ही होंगे, ढील हुई तो सख्त कार्रवाई होगी

न्यूज़ डेस्क :

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ‘अधिकारियों-कर्मचारियों को जनता के काम करने ही होंगे। इसमें ढील हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में लापरवाही नहीं चलेगी।’

उन्होंने कहा, ‘कितने भी बड़े अधिकारी हों, मुस्तैदी से काम करें। सरकार के प्रत्येक निर्देश का सख्ती के साथ पालन कराना सबका दायित्व है। मुखिया होने के नाते इसे देखना हमारी जवाबदारी है कि वैधानिक रूप से पालन हो रहा है या नहीं। जनता के साथ तो संवेदनशीलता है लेकिन अधिकारी, कर्मचारियों को छूट नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं का क्रियान्वयन होता रहेगा। किसी भी योजना को नहीं रोका जाएगा।’

मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार को छिंदवाड़ा के पांढुर्णा में कही। वे पाठई गांव में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम बनने पर उज्जैन के बाद ये उनका प्रदेश के किसी जिले में दूसरा दौरा था।

लापरवाही हुई तो किसी को नहीं छोड़ूंगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ‘हमने कई निर्देश दिए हैं। आपके बीच दो-चार काम की चीज बताता हूं। आपने खेत की रजिस्ट्री कराई तो पटवारी के आगे-पीछे घूमने की जरूरत नहीं है। आपने दस्तावेज का पंजीयन कराया। पटवारी को अपने आप नामांतरण करना पड़ेगा। कोई इसमें गलती करेगा, पटवारी लापरवाही करेगा तो कलेक्टर साहब आप ध्यान रखना। आप पर भी कार्रवाई करूंगा। संबंधित पर भी कार्रवाई करूंगा। किसी को छोड़ने वाला नहीं हूं।

सीएम डॉ. यादव हेलिकॉप्टर से राजना में नर्मदा भक्त विवेक जी महाराज के दर्शन करने भी पहुंचे। करीब 10 मिनट गुरु जी से मुलाकात की। सीएम डॉ. यादव पिछले 5 साल से गुरु विवेक जी महाराज से जुड़े हैं।

किसान बोला- जिसको बैठाना था, उसे नहीं बैठाया

जनसंवाद कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने एक किसान से पूछा, ‘लाड़ली बहना योजना का फायदा मिला क्या?’

इस पर किसान ने ‘नहीं’ में जवाब दिया। वह बोला- पैसे आप डाल दो। किसान ने कहा, ‘जिसको बैठाना था, उसको बैठाया नहीं। आप पहली बार विधायक बने, आप कैसे बैठ गए?’

यह सुनकर सीएम समेत मौके पर मौजूद सभी लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े।

लाउडस्पीकर पर गाइडलाइन का पालन जरूरी

सीएम डॉ. यादव ने लाउड स्पीकर के मुद्दे पर दिए गए कमलनाथ के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘कौन क्या कहता है, इससे फर्क नहीं पड़ता। सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय है, उसका समय सीमा में पालन जरूरी है। लाउड स्पीकर के नियमों का सभी को पालन करना होगा।’

बता दें कि डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले फैसले में मध्यप्रदेश में तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाने पर प्रतिबंध लगाया है। इस पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा था कि सरकार किसी भी तरीके से समाज में विद्वेष पैदा करना चाहती है। यह विवाद के लिए नया बहाना ढूंढ रहे हैं।

 

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