लाखों करोड़ों रुपए खर्च: बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं आंगनबाड़ियां

आनंदपुर डेस्क : सीताराम वाघेला
मध्य प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष आंगनबाड़ियों पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च करती है लेकिन इसके बावजूद भी यह आंगनबाड़ी केंद्र मूलभूत सुविधाओं जैसे लाइट, पानी, शौचालय भीे वंचित है आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।
इसकी हकीकत देखते हम पहुंचे जमीनी स्तर पर तो बहुत ही चौंकाने वाले दृश्य सामने आए।
आनंदपुर कस्बे में पांच आंगनबाड़ी केंद्र हैं जहां पर दो आंगनबाड़ियों के पास खुद के भवन नहीं है तीन आंगनबाड़ियों के पास ही खुद के भवन है जिसमें से आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 4 राजस्व विभाग के आर. आई कक्ष में संचालित हो रहा है जबकि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 किराए की एक दुकान में संचालित हो रहा है।

5 आंगनबाडियों में 392 बच्चें
ग्राम पंचायत आनंदपुर में पांच आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं जिनमें 392 बच्चे, 28 गर्भवती महिलाएं और 36 धात्री माताएं सम्मिलित हैं।
और इसी प्रकार यदि पूरी तहसील लटेरी की बात की जाए तो यहां पर कुल 281 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिनमे से 91 आंगनबाड़ियो के पास खुद के भवन हैं और 86 आंगनवाड़ियां सरकार के अन्य भवनों में संचालित हो रही है। और शेष बची लगभग 104 आंगनवाड़ी किराये के भवनों में संचालित हो रही है। आंगनवाड़ी सुपरवाइजर राजकुमारी बघेल से आंगनबाडियों से संबंधित जानकारी मांगी तो आधी अधूरी जानकारी दे पाई, वह पूरी लटेरी तहसील की कुल आंगनबाड़ियों में दर्ज बच्चों की संख्या भी नहीं बता पाई और कहने लगी कि आंकड़े लेकर भी क्या होगा सरकार सब कुछ तो कर रही है सरकार को सब तो दिख रहा है।

लाइट, पानी, शौचालय भी नहीं
आनंदपुर की आंगनबाड़ियों की बात की जाए तो यहां पर किसी भी आंगनबाड़ी में लाइट पानी शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है गर्मी के कारण बच्चे बैठ भी नहीं पाते। और ना ही किसी आंगनबाड़ी की बाउंड्री वॉल बनाई गई।
केंद्र क्रमांक 3 की कार्यकर्ता अर्चना अहिरवार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास रहवासी कचरा फेंक कर चले जाते हैं जिसमे में से बदबू आती है जिसके चलते आंगनवाड़ी में बैठ पाना मुश्किल होता है लाइट कनेक्शन भी नहीं है शौचालय और पानी की व्यवस्था भी नहीं है बच्चों को बैठाए रखने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन मजबूरी है कि आंगनबाड़ी में हमें तो बैठना ही पड़ता है।
केंद्र क्रमांक 5 की कार्यकर्ता रानी चौरसिया ने बताया कि आंगनवाड़ी में बाउंड्री वॉल ना होने के कारण बच्चों को कहीं भी खेलने की व्यवस्था नहीं है आंगनवाड़ी में वैसे झूला, रिसक पट्टी सहित अन्य खेलकूद का समान होना चाहिए जिससे कि बच्चों को खेल खिलाए जा सके मेरी तो मन में इच्छा हैं की आंगनवाड़ी की बाउंड्री कराई जाए और जिसमें हम किचन गार्डन भी लगे लेकिन किसी भी आंगनबाड़ी के पास ना तो बाउंड्री वॉल कराई और ना ही आंगनवाडी में किचन किचन गार्डन बनाए गए।
केंद्र क्रमांक एक की कार्यकर्ता रसीद बेगम ने बताया कि हमारे पास तो भवन भी नहीं है हम तो किराए की एक दुकान में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करते हैं जहां बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है।



