विदिशा में बेटे के शव के पास 5 दिन तक प्रार्थना करती रही मां: सीने पर रखी थी बाइबिल, बदबू और खून से खुला राज

विदिशा डेस्क:
मध्य प्रदेश के विदिशा शहर से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ईसाई धर्म के युवक शीनू वर्गिस (42) की मौत के बाद उसकी मां मरियमा वर्गिस पांच दिनों तक बेटे के शव के पास बैठकर लगातार प्रार्थना करती रहीं। उन्हें विश्वास था कि प्रार्थना और बाइबिल की शक्ति से उनका बेटा दोबारा जीवित हो जाएगा।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब सोमवार सुबह दूध देने पहुंचे दूध विक्रेता सचिन लोधी को घर से तेज दुर्गंध आने लगी और दरवाजे के नीचे से खून बहता दिखाई दिया। पूछने पर महिला ने कहा— “सबने मिलकर मेरे बेटे को मार डाला, शीनू मर गया।” इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मरियमा वर्गिस पुलिस को घर के अंदर जाने से रोकती रहीं। उन्होंने दो बार दरवाजा बंद करने की भी कोशिश की। काफी समझाइश के बाद पुलिस अंदर पहुंच सकी।

घर के एक कमरे में शीनू का शव पड़ा मिला। शव के सीने पर बाइबिल रखी थी और आसपास प्रार्थना से जुड़ा सामान मौजूद था। पुलिस के अनुसार शव करीब पांच दिन पुराना था, जिससे तेज दुर्गंध आ रही थी और उसमें कीड़े पड़ चुके थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि शीनू मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का काम करता था। पिता की मौत के बाद वह पिछले एक साल से विदिशा में अपनी मां के साथ रह रहा था। उसकी मां मरियमा एक निजी स्कूल से रिटायर शिक्षिका हैं। पड़ोसियों के मुताबिक शीनू कुछ समय से बीमार भी चल रहा था। उसके दो भाई विदेश में रहते हैं।
पड़ोसी दिनेश साहू ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से इलाके में दुर्गंध फैल रही थी, लेकिन लोगों को लगा कि किसी जानवर की मौत हुई होगी। महिला सामान्य तरीके से घर के काम करती दिख रही थीं, इसलिए किसी को अंदर की घटना का अंदाजा नहीं हुआ।
सिविल लाइन थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की असली वजह रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल मरियमा वर्गिस को निगरानी में रखा गया है और रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।



