साधारण ब्रश, असाधारण हुनर: कालू पेंटर ने ‘जय हनुमान’ लिखकर उकेरी अद्भुत छवि

आनंदपुर डेस्क: सीताराम वाघेला
हनुमान जन्मोत्सव के एक दिन पहले आनंदपुर में कला का एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। क्षेत्र के प्रसिद्ध चित्रकार और पेंटर कालूराम राव उर्फ कालू पेंटर ने एक साधारण बोर्ड पर सिर्फ “जय हनुमान” लिखकर और चॉक की मदद से चंद मिनटों में हनुमानजी की शानदार तस्वीर उकेर दी। उनकी इस अनोखी चित्रकला को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए और सभी ने उनकी कला की खुले दिल से सराहना की।
छोटे से कस्बे आनंदपुर से निकलकर अपनी कला से विशिष्ट पहचान बना चुके कालू पेंटर एक बेहद साधारण और संघर्षशील पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने गरीबी के बीच अपनी कला साधना को कभी नहीं छोड़ा और लगातार अभ्यास के बल पर आज प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। वे विख्यात राष्ट्रीय कलाकार बाबा सत्यनारायण मौर्य के शिष्य हैं और अपने गुरु की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कला को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।

कालू पेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे किसी भी नाम, शब्द, सिग्नेचर या आकृति को आधार बनाकर उससे चित्र तैयार कर देते हैं। चाहे भगवान की छवि हो, किसी मनुष्य का चेहरा, पशु-पक्षी की आकृति या कोई विशेष हस्ताक्षर—वे उसे अपनी कल्पनाशीलता और अभ्यास से सजीव रूप दे देते हैं। सीधी और उल्टी दोनों प्रकार की पेंटिंग बनाने में उन्हें महारत हासिल है, जो उनकी कला को और भी विशिष्ट बनाती है।
उनकी कला केवल कैनवास तक सीमित नहीं है, बल्कि मंचीय कार्यक्रमों, कवि सम्मेलनों और धार्मिक आयोजनों में भी वे लाइव पेंटिंग बनाकर दर्शकों का मन मोह लेते हैं। हनुमान जन्मोत्सव से पहले बनाई गई यह विशेष चित्रकला भी उनकी प्रतिभा का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई।
आनंदपुर और आसपास के क्षेत्र में कालू पेंटर आज सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि संघर्ष, साधना और सृजनशीलता की प्रेरक मिसाल बन चुके हैं। उनकी यह कला आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।



