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ओवैसी की पार्टी मध्यप्रदेश की 33 विधानसभा सीटों पर ओवैसी की नजर: AIMIM के सर्वे में यहां साढ़े 14 लाख से ज्यादा मुस्लिम वोटर

न्यूज़ डेस्क :

मध्यप्रदेश में लगभग 5 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) भी दमदारी से चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने इसे लेकर एक सर्वे कराया है। पिछले साल नगरीय निकायों के चुनाव में भी AIMIM ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसमें कुछ हद तक कामयाबी भी मिली थी।

AIMIM ने एमपी की 230 विधानसभा सीटों पर सर्वे कराया है। जहां मुस्लिम वोटर ज्यादा हैं, पार्टी वहां अपने उम्मीदवार उतारना चाह रही है। इनमें से 33 सीटों पर ओवैसी की पार्टी दमदार कैंडिडेट्स की खोजबीन में जुटी है। इन 33 सीटों में से अभी 18 पर बीजेपी और 15 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। ओवैसी इन सीटों पर मुस्लिम, दलित और अति पिछड़े वोटर्स के सहारे जीत की संभावना देख रही है। एमपी में AIMIM के प्रमुख पदाधिकारी तौकीर अली निजामी ने दैनिक भास्कर को यह सर्वे उपलब्ध कराया है। उनका दावा है कि AIMIM एक दमदार विकल्प बनकर सामने आएगी।

कांग्रेस की इन 15 सीटों पर AIMIM की नजर, यहां दमदार प्रत्याशियों की तलाश

  • ग्वालियर साउथ- पिछले चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार प्रवीण पाठक महज 121 वोटों से चुनाव जीते थे। AIMIM के सर्वे के मुताबिक यहां 38,646 मुस्लिम वोटर हैं।
  • जबलपुर पूर्व- अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर AIMIM के सर्वे में 77,951 मुस्लिम वोटर मिले हैं। यहां से कांग्रेस के लखन घनघोरिया पिछले चुनाव में 35,136 वोटों से जीते थे। इस सीट पर AIMIM किसी दमदार दलित उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
  • जबलपुर उत्तर- कांग्रेस के विनय सक्सेना इस सीट पर पिछले चुनाव में महज 578 वोटों से चुनाव जीते थे। AIMIM का दावा है कि इस सीट पर 32,931 मुस्लिम वोटर हैं।
  • छिंदवाड़ा- कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में 2018 के विधानसभा चुनाव में दीपक सक्सेना 14547 वोटों से जीते थे। AIMIM के सर्वे में इस सीट पर 35546 मुस्लिम वोटर्स हैं। यदि ओवैसी ने दमदार उम्मीदवार उतारा तो कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है।
  • परासिया- छिंदवाड़ा जिले की परासिया सीट पर कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मिक 12734 वोटों से जीते थे। ओवैसी की पार्टी ने जो सर्वे कराया उसके मुताबिक यहां 30518 मुस्लिम वोटर हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर ओवैसी के प्रत्याशी उतरने से कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।
  • भोपाल उत्तर- कांग्रेस का गढ़ बनी भोपाल उत्तर सीट पर लंबे समय से आरिफ अकील चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में आरिफ अकील 34857 वोटों से चुनाव जीते थे। AIMIM के सर्वे में इस सीट पर मुस्लिम वोटर्स की संख्या 87587 है। उम्रदराज आरिफ अकील के इस बार चुनाव लड़ने की संभावनाएं कम ही हैं, ऐसे में यदि ओवैसी की पार्टी ने दमदारी से चुनाव लड़ा तो इस सीट पर भी कांग्रेस को खतरा हो सकता है।
  • शाजापुर- शाजापुर जिला मुख्यालय की सीट पर 2018 में कांग्रेस की हुकुम सिंह कराड़ा 44979 वोटों से जीते थे। AIMIM के सर्वे में यहां पर 32356 मुस्लिम वोटर हैं। इस सीट पर भी पार्टी जिताऊ उम्मीदवार की खोजबीन कर रही है।
  • कालापीपल- युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और युवा विधायक कुणाल चौधरी की सीट कालापीपल पर भी ओवैसी की पार्टी की नजर है। कुणाल पिछला चुनाव 13699 वोटों से जीते थे। AIMIM का दावा है कि इस सीट पर 30623 मुस्लिम वोटर हैं। यहां पार्टी दमदारी से चुनाव लड़ेगी।
  • बुरहानपुर– पिछले चुनाव में बुरहानपुर से 5120 वोटों से निर्दलीय चुनाव जीते सुरेंद्र सिंह शेरा की सीट पर भी ओवैसी की पार्टी की नजर है। इस सीट पर 96900 मुस्लिम वोटर्स हैं। इस सीट पर उम्मीदवार की तलाश तेजी से चल रही है।
  • इंदौर क्र.1- इंदौर विधानसभा क्रमांक 1 पर AIMIM के सर्वे में 49518 मुस्लिम वोटर्स निकलकर आए हैं। कांग्रेस के टिकट पर पिछले विधानसभा चुनाव में संजय शुक्ला 8163 वोटों से चुनाव जीते थे। इंदौर शहर की सीट पर ओवैसी की पार्टी नजर है।
  • राऊ- कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के विधानसभा क्षेत्र में भी AIMIM के सर्वे में 33793 मुस्लिम वोटर हैं। पिछला चुनाव जीतू पटवारी 5703 वोटों से जीते थे। यदि ओवैसी की पार्टी चुनाव लड़ती है, तो जीतू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
  • खरगोन- खरगोन सीट पर ओवैसी की पार्टी के सर्वे के अनुसार 40 हजार मुस्लिम वोटर्स हैं। इस सीट पर पिछले चुनाव में कांग्रेस के रवि जोशी 9521 वोटों से चुनाव जीते थे।
  • राजपुर- बड़वानी जिले की राजपुर सीट पर पिछले चुनाव में कांग्रेस के बाला बच्चन महज 932 वोटों से चुनाव जीते थे। AIMIM के सर्वे में यहां मुस्लिम वोटर्स की संख्या करीब 8000 है। पार्टी यहां दमदार आदिवासी चेहरा चुनाव लड़ाने के लिए तलाश रही है।
  • ब्यावरा- राजगढ़ जिले की ब्यावरा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस के रामचंद्र दांगी 1000 से कम अंतर से चुनाव जीते थे। AIMIM के सर्वे में इस सीट पर 16 हजार मुस्लिम वोटर्स हैं।

बीजेपी की ये 18 सीटें AIMIM के टारगेट पर…

  • ग्वालियर- इस विधानसभा सीट पर 40045 मुस्लिम वोटर हैं। यहां से बीजेपी के प्रद्युम्न सिंह तोमर 2020 के उपचुनाव में 33123 वोटों से जीते थे। ओवैसी की पार्टी यहां अपना उम्मीदवार उतारती है तो मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है।
  • जैतपुर – शहडोल जिले की जैतपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। पिछले चुनाव में इस सीट पर बीजेपी की मनीषा सिंह 4216 वोटों से चुनाव जीती थीं। ओवैसी की पार्टी ने जो सर्वे कराया है उसमें इस सीट पर 30212 मुस्लिम वोटर्स हैं। ऐसे में यहां ओवैसी किसी आदिवासी को मैदान में उतारकर बीजेपी का खेल बिगाड़ सकते हैं।
  • सिवनी- इस सीट पर बीजेपी के दिनेश राय मुनमुन पिछले चुनाव में 22008 वोटों से चुनाव जीते थे। सर्वे में यहां 35650 मुस्लिम वोटर्स मिले हैं। AIMIM इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बागियों में नया उम्मीदवार खोज रही है।
  • सिरोंज – विदिशा जिले की सिरोंज सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है, इस सीट पर बीजेपी के उमाकांत शर्मा पर पिछला चुनाव 34734 वोटों से जीते थे। ओवैसी की पार्टी के सर्वे में इतने ही यानी 34 हजार से ज्यादा मुस्लिम समाज के वोटर हैं।
  • नरेला – भोपाल की नरेला सीट पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग पिछले दो चुनाव से लगातार जीत रहे हैं। 2018 में सारंग 23 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीते थे। AIMIM के सर्वे में इस सीट पर 68288 मुस्लिम वोटर हैं। ऐसे में यहां ओवैसी दमदार उम्मीदवार उतारकर जीतने की रणनीति बना रहे हैं। पार्टी के मुख्य पदाधिकारी तौकीर निजामी भी इसी सीट पर तैयारी कर रहे हैं।
  • आष्टा– सीहोर जिले की आष्टा सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। पिछले चुनाव में रघुनाथ सिंह मालवीय इस सीट पर 6000 वोटों से जीते थे। इस सीट पर 30895 मुस्लिम वोटर हैं। ओवैसी की पार्टी दलित उम्मीदवार खोज रही है।
  • नरसिंहगढ़ – राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ सीट पर बीजेपी के राज्यवर्धन सिंह पिछले चुनाव में साढ़े नौ हजार वोटों से चुनाव जीते थे। सर्वे में यहां 34991 मुस्लिम वोटर्स हैं। 70 साल की उम्र पार कर चुके राज्यवर्द्धन की सीट पर ओवैसी दमदार उम्मीदवार खोज रहे हैं।
  • देवास – लंबे समय से बीजेपी का गढ़ रही देवास सीट पर पिछले चुनाव में गायत्री राजे पवार 27587 वोटों से चुनाव जीती थीं। सर्वे के मुताबिक इस सीट पर 38391 मुस्लिम वोटर हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पवार राजघराने के साथ भी मुस्लिम वोटर्स जुड़े रहे हैं। AIMIM यहां बीजेपी और कांग्रेस को टक्कर देने वाला प्रत्याशी खोज रही है।
  • खंडवा – अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित खंडवा सीट पर बीजेपी के देवेंद्र वर्मा पिछले चुनाव 19137 वोटों से चुनाव जीते थे। इस सीट पर 43950 मुस्लिम वोटर हैं। निमाड़ के मुख्यालय की इस सीट पर ओवैसी की पार्टी मुकाबला रोचक बना सकती है।
  • धार – इस सीट पर बीजेपी की नीना वर्मा पिछले चुनाव में 5718 वोटों से चुनाव जीती थीं। सर्वे में यहां 35133 मुस्लिमों वोटर मिले हैं। यहां बागियों पर AIMIM की नजर है।
  • इंदौर 4- विधानसभा क्रमांक 4 में बीजेपी की मालिनी गौड़ पिछले चुनाव में 43090 वोटों से चुनाव जीती थी। इस सीट पर AIMIM के सर्वे में 33007 वोटर्स मुस्लिम समाज के हैं।
  • इंदौर- इंदौर की विधानसभा क्रमांक 5 पर पिछले चुनाव में महज 1135 वोटों से बीजेपी के महेंद्र हार्डिया चुनाव जीते थे। सर्वे में 69484 मुस्लिम वोटर्स मिले हैं।
  • महू – संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू सीट पर ओवैसी के सर्वे में 36215 मुस्लिम वोटर्स मिले। पिछले चुनाव में इस सीट पर बीजेपी की उषा ठाकुर 7157 वोटों से चुनाव जीती थी। अपने हर भाषण में संविधान का जिक्र करने वाले ओवैसी अपने चुनावी लड़ाई का आगाज भी यहीं से कर सकते हैं। यहां किसी आदिवासी चेहरे को भी उतारा जा सकता है।
  • सांवेर- मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की सीट सांवेर पर ओवैसी की पार्टी के सर्वे में 40400 मुस्लिम वोटर्स मिले हैं। सिलावट पिछले विधानसभा 2018 के चुनाव में 3000 से कम वोटों से चुनाव जीते थे। हालांकि, उपचुनाव में सिलावट ने 53 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। इस सीट पर AIMIM बीजेपी और कांग्रेस के बागियों में उम्मीदवार देख रही है।
  • जावरा – रतलाम जिले की जावरा सीट पर बीजेपी के राजेंद्र पांडे 2018 के विधानसभा चुनाव में महज 511 वोटों से चुनाव जीते थे। सर्वे के मुताबिक 20734 मुस्लिम वोटर हैं। यहां दमदार उम्मीदवार की खोजबीन चल रही है।
  • मंदसौर – सीट पर बीजेपी के यशपाल सिंह सिसोदिया पिछले विधानसभा चुनाव में 18370 वोटों से चुनाव जीते थे। ओवैसी की पार्टी के सर्वे के मुताबिक यहां 44294 मुस्लिम वोटर हैं। ऐसे में यहां अपना उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस और बीजेपी का खेल बिगाड़ सकती है।
  • उज्जैन उत्तर – उम्रदराज हो चुके बीजेपी के विधायक और पूर्व मंत्री पारस जैन इस सीट से लगातार जीत रहे हैं। पिछले चुनाव में भी 25724 वोटों से जीते थे। ओवैसी की पार्टी के सर्वे में इसी पर 33701 मुस्लिम वोटर हैं।
  • रतलाम सिटी – इस सीट पर बीजेपी के चेतन कश्यप पिछले चुनाव में 43000 वोटों से चुनाव जीते थे। सर्वे के मुताबिक यहां 51338 मुस्लिम वोटर हैं। इस सीट पर ओवैसी दमदार चेहरा खोज रहे हैं।

दलित, आदिवासी, मुस्लिम के गठजोड़ की कवायद

असदुद्दीन ओवैसी मप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुस्लिमों के साथ आदिवासी और दलितों को जोड़ने की रणनीति बना रहे हैं। जयस के अलावा, दलित संगठनों और छोटे दलों के साथ मिलकर ओवैसी की पार्टी चुनाव लड़ सकती है। यदि जयस और एआईएमआईएम ने मिलकर चुनाव लड़ा तो आदिवासी क्षेत्रों में कांग्रेस को खासा नुकसान हो सकता है।

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