सागर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बोले, आरएसएस ने तो तिरंगा झंडा को कभी स्वीकारा ही नहीं है, अगर में षड्यंत्र करता तो भूपेंद्र सिंह, भूपेंद्र जी न होते
न्यूज़ डेस्क :
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को सागर दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने खुरई और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए केसों की जानकारी ली। कांग्रेस के पीड़ित कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर मुलाकात की। दोपहर करीब 3.20 बजे वे सागर सर्किट हाउस पहुंचे। जहां मीडिया से चर्चा की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा की इस सरकार में प्रतिशोध की भावना से ढाबे, मकान तोड़े जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। मैं तो हमेशा से भूपेंद्र सिंह को अच्छा मानता था। लेकिन आज खुरई में जो उदाहरण देखे हैं। मैं उनके कृत्यों की घोर निंदा करता हूं।
मंत्री भूपेंद्र सिंह के दिग्विजय सिंह जहां भी जाते हैं षड्यंत्र करते हैं के बयान पर दिग्गी ने जवाब देते हुए कहा कि अगर मुझे षड्यंत्र करना होता तो आज भूपेंद्र सिंह भूपेंद्र जी नहीं होते। दिग्विजय यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि हाथों में तिरंगा झंडा लेकर बंडा से खुरई क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रवेश करते हैं तो उन पर केस लगा दिए जाते हैं। भारत जोड़ो यात्रा में देश का तिरंगा झंडा लेकर जा रहे थे। लेकिन ये तिरंगा झंडा से हमेशा चिड़ते रहे हैं। आरएसएस ने तो तिरंगा झंडा को कभी स्वीकारा ही नहीं है। यह वो दल है जो न तो तिरंगा को स्वीकार करता है और न ही भारतीय संविधान का पालन करता है।

45 मिनट तक जेल में बंद कार्यकर्ता से की बात
दिग्विजय सिंह शाम 4.18 बजे सागर के केंद्रीय जेल में बंद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. आनंद राय से भी मुलाकात की। वे करीब 45 मिनट जेल के अंदर रहे। शाम 5.07 बजे दिग्गी जेल से बाहर आए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल में बंद कराया गया है। स्थिति यह है कि कांग्रेस कार्यकर्ता अंशुल परिहार तीन माह से जेल में बंद है। न तो केस डायरी पेश की जा रही है और न ही चालान लगाया जा रहा है। डॉ. आनंद राय को भी एक बैरक में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए सभी मामलों को जमा किया जा रहा है। इसकी रुपरेखा तैयार करेंगे और आगे की लड़ाई लड़ेंगे। कांग्रेस डरने वाली नहीं है।
कथावाचकों को दिग्गी की सलाह
कक्षावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के हर घर से एक बेटा आरएसएस या बजरंग दल में होना चाहिए के बयान पर पूर्व सीएम सिंह ने कहा कि वो तो कहते हैं कि पढ़ाई करना जरूरी नहीं है। पीपल के पत्ते पर चंदन लगाकर शिवलिंग पर रख दो पास हो जाओगे। मेरा मानना है कि वेदपीठ पर बैठकर राजनीतिक भाषण करना ये पेदपीठ की प्रतिष्ठा के विपरीत है। ऐसा नहीं करना चाहिए।



