फैमिली कोर्ट ने सुनाया फैसला, अब पत्नी देगी पति को भरण-पोषण भत्ता: पत्नी से प्रताड़ित युवक ने लगाया था केस

इंदौर डेस्क :
इंदौर में एक पत्नी को भरण-पोषण के लिए पति को हर महीने पांच हजार रुपए देने होंगे। फैमिली कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है। पति ने पत्नी की वजह से पढ़ाई छूटने और बेरोजगार होने का हवाला देकर कोर्ट में केस किया था।
मामला दिसंबर 2023 में अदालत में आया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला दिया।
पति के वकील मनीष झरौला ने कहा कि मेरा मुवक्किल अमन (23) उज्जैन का रहने वाला है। 2020 में कॉमन फ्रेंड के जरिए उसकी दोस्ती 22 साल की नंदिनी से हुई। बात-मुलाकात बढ़ी तो नंदिनी ने अमन को प्रपोज कर दिया। अमन शादी नहीं करना चाहता था लेकिन नंदिनी ने उसे आत्महत्या करने की धमकी दी। आखिरकार जुलाई 2021 में आर्य समाज मंदिर में दोनों ने शादी कर ली। दोनों इंदौर में ही किराए से मकान लेकर रहने लगे।
शादी के बाद नंदिनी अमन को परेशान करने लगी। काफी समझाइश के बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला। परेशान होकर अमन शादी के महज दो महीने बाद ही सितंबर में नंदिनी को छोड़कर माता-पिता के पास चला गया।

घर छोड़ा तो पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी
अमन के घर छोड़ जाने के बाद नंदिनी ने थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। अमन ने परिवार वालों को पूरी बात बताई। वकील के माध्यम से पहले पुलिस को शिकायत की, फिर फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण का केस लगाया।
नंदिनी ने भी अमन पर घरेलू हिंसा का केस लगा दिया। हालांकि, उसने कोर्ट में कहा कि वो अमन के साथ रहना चाहती है।
दूसरी तरफ अमन ने कोर्ट को बताया, ‘नंदिनी मुझे प्रताड़ित करती है। उसके साथ मैं घुटन महसूस करने लगा था। मुझे लगता था कि जैसे मेरा अपहरण कर उसके साथ रहने को मजबूर किया गया है। नंदिनी के माता-पिता भी परेशान करते थे।’
खारिज हो गई पत्नी की दलील, कोर्ट ने माना कामकाजी
अमन ने कहा, ‘मैं महज 12वीं पास हूं। मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया था लेकिन नंदिनी की वजह से मेरी पढ़ाई छूट गई। मैं बेरोजगार हूं जबकि नंदिनी ब्यूटी पार्लर चलाती है। ऐसे में मुझे उससे भरण-पोषण भत्ता दिलाया जाए।’
नंदिनी ने खुद को बेरोजगार बताते हुए भत्ता देने में असमर्थता जाहिर की। इस पर अमन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि जब नंदिनी ने थाने में उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट लिखाई थी, तब पुलिस को बताया था कि वो ब्यूटी पार्लर चलाती है।
नंदिनी ने कोर्ट में दोहराया कि वो कामकाजी नहीं है जबकि अमन कमाता है। लेकिन वह इसका कोई सबूत नहीं दे पाई।
अदालती खर्च के लिए देनी होनी अतिरिक्त राशि
एडवोकेट मनीष झरौला ने कहा, ‘आमतौर पर पति से पत्नी को भरण-पोषण मिलता है। यह अनूठा मामला है। इसमें अमन को वाद व्यय के रूप में अतिरिक्त राशि अदा करने का भी आदेश दिया गया है। नंदिनी और उसके परिजन ने अमन के साथ आपराधिक कृत्य किया था। इसकी शिकायत अमन ने पुलिस आयुक्त को की थी।
इसका बदला लेने के लिए नंदिनी ने अमन पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। कोर्ट में नंदिनी ने कहा था कि वह अमन के साथ रहने को तैयार है लेकिन कोर्ट ने उसकी दलील खारिज कर दी।



