10 साल के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई, जिसे सोचकर भी रोंगटे खड़े हो जाए: इसी हालत में ऑटो से 50 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल लाए परिजन
न्यूज़ डेस्क :
मध्यप्रदेश के शहडोल में 10 साल के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई, जिसे सोचकर भी रोंगटे खड़े हो जाए। इस बच्चे के आंख के बगल में नुकीला सरिया घुस गया। जिससे बच्चा दर्द से छटपटा उठा। खास बात यह रही कि बच्चे को सरिया धंसी हालत में ही उसके परिजन ऑटो से 50 किलोमीटर दूर शहडोल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां करीब 20 मिनट चले ऑपरेशन के बाद सरिया निकाल लिया गया।
मामला शहडोल जिले के जयसिंह नगर के कुबरा गांव का है। जहां 10 साल का अनिल कोल शुक्रवार को डिश टीवी की छतरी में सिग्नल सेट करने अपने घर की छत पर चढ़ा था। उसके परिजनों ने बताया कि इस दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह छत से नीचे आ गिरा। तभी वहां रखा नुकीला सरिया उसकी दायीं आंख के पास धंस गया। जिसके बाद परिजन उसे उसी हालत में लेकर जयसिंह नगर के अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सरिया का एक सिरा बच्चे की आंख के पास धंसा था और दूसरा सिरा परिजन हाथ में थामे थे।
डॉक्टर्स की काफी कोशिश के बाद जब सरिया नहीं निकल पाया, तब उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन अनिल को यहां से बच्चे को सरिया धंसी हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां एक छोटे ऑपरेशन के बाद उसे राहत मिल पाई।
बच्चे की हालत देख हैरान रह गया हॉस्पिटल स्टाफ
सरिया लगी हालत में अनिल जब शहडोल जिला अस्पताल पहुंचा, तो उसकी हालत देखकर OPD में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ हैरान रह गया। OPD में ही सरिया निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद ड्यूटी डॉक्टर अपूर्व पांडे और धनंजय चतुर्वेदी ने करीब 20 मिनट तक अनिल की सर्जरी की और उसके चेहरे से सरिया निकाला।
सिविल सर्जन डॉ. जीएस परिहार ने बताया कि पीड़ित जयसिंह नगर से रेफर होकर जिला अस्पताल आया था। यहां डॉक्टरों ने उसका सफल ऑपरेशन किया। करीब आधा घंटे तक चली सर्जरी के बाद सरिया निकाला जा सका। फिलहाल, उसकी हालत खतरे से बाहर है।
सिविल सर्जन बोले- हालत खतरे से बाहर
सिविल सर्जन डॉ. जीएस परिहार ने बताया कि पीड़ित जयसिंह नगर से रेफर होकर जिला अस्पताल आया था। यहां डॉक्टरों ने उसका सफल ऑपरेशन किया। करीब आधा घंटे तक चली सर्जरी के बाद सरिया निकाला जा सका। फिलहाल, उसकी हालत खतरे से बाहर है।



