भोपाल

भोपाल में बनेगा रिंग रोड तैयारी शुरू: 1200 करोड़ से बनेगा 42 किलोमीटर का रिंग रोड, 30 मिनट में पूरा होगा सफर

भोपाल डेस्क :

भौरी से मिसरोद 11 मील तक 52 किमी लंबे अधूरे रिंग रोड को पूरा करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत मंडीदीप से भौरी जोड़ तक नया 42 किमी का फोर लेन रिंग रोड बनाया जाएगा। इस पर 3 से 4 फ्लाईओवर बनेंगे। रिंग रोड के आसपास जहां बसाहट है, वहां करीब 8 अंडर पास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस रोड पर रेलवे लाइन भी है। इस पर आरओबी बनाया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस रिंग रोड बनने से डेढ़ घंटे का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह मंडीदीप से सीधे कोलार, नीलबड़-रातीबड़ के बाहरी हिस्से से होते हुए भौरी जोड़ पर मिलेगा।एमपीआरडीएस के अफसरों ने बताया कि इस रिंग रोड के लिए करीब 600 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसमें फॉरेस्ट की करीब 75 एकड़ से ज्यादा जमीन आएगी। 525 एकड़ से ज्यादा जमीन निजी लोगों की है। रिंग रोड बनाने में करीब 1,200 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसे बनाने के लिए 2 साल की समय सीमा तय की गई है। लेकिन ये डेडलाइन डीपीआर और टेंडर फाइनल होने के आधार पर तय होगी।

बजट के चलते अटका था प्रोजेक्ट

कुछ साल पहले इस प्रोजेक्ट के लिए पीडब्ल्यूडी ने प्लानिंग की थी। लेकिन, बजट के आभाव में प्रोजेक्ट फाइलों से बाहर ही नहीं आ पाया। अब नए सिरे से एमपीआरडीसी को इस रिंग रोड को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआर एलएन इंफ्रा बना रहा है।

रिंग रोड क्यों- शहर के ट्रैफिक पर कम होगा वाहनों का बोझ

वर्तमान में इंदौर जाने के लिए दो रास्ते हैं। पहला भदभदा से होते हुए सीहोर जोड़ जाता है, जबकि दूसरा शहर के बीचोबीच बैरागढ़ से होकर गुजरता है। इस इलाके में भीड़भाड़ अधिक होने से लोगों को एक से डेढ़ घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। इस रिंग रोड के बन जाने से शहर में आने वाले ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

कहां-क्या बनेगा- फ्लाईओवर के नीचे से जाएगा बायपास का ट्रैफिक

रिंग रोड मंडीदीप मेन रोड (अशोक लीलेंड)से शुरु होगा। समनापुर खुर्द, गोल चौराहे पर पहला, नीलबड़-रातीबड़ रोड पर दूसरा और भौरी जोड़ पर तीसरा फ्लाईओवर बनेगा। यह भोपाल-इंदौर बायपास के ऊपर से निकलेगा। भोपाल-इंदौर बायपास का ट्रैफिक इस फ्लाईओवर के नीचे से गुजरेगा। रघुकुल कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी के 300 मीटर पहले से ये निकलेगा।

यह भी फायदा- नए रिंग रोड से आएंगे नए प्रोजेक्ट, कॉलोनी

नए रिंग रोड के बनने से रोड के दोनों तरफ नई कॉलोनियां डेवलप होंगी। नए प्रोजेक्ट आएंगे। आने वाले दिनों में नए सिरे से कलेक्टर गाइडलाइन में इस एरिया में आने वाली जमीनों के दाम पर डेवलपमेंट के आधार पर प्रस्तावित किए जाएंगे। अधूरा रिंग रोड पूरा होने से शहर की चारों तरफ नए सिरे से डेवलपमेंट होगा।

फायदा

भोपाल-इंदौर, होशंगाबाद, इटारसी, विदिशा, बैरसिया आने-जाने वालों को होगी सहूलियत

  • 600 एकड़ जमीन की जरूरत
  • 75 एकड़ जमीन फॉरेस्ट की आएगी
  • 02 साल में रिंग रोड तैयार करने का प्लान

निजी जमीन है तो दोगुना मुआवजा देना पड़ेगा

रोड बनाने के लिए जिन जमीनों का अधिग्रहण होगा, उन्हें दोगुने मुआवजे का प्रावधान है। सड़क के लिए करीब 600 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। 525 एकड़ जमीन निजी लोगों की है।

टेंडर फाइनल होते ही शुरू हो जाएगा काम

डीपीआर बन गई है। डीपीआर और टेंडर फाइनल होने के बाद काम शुरू होगा। इससे भोपाल-इंदौर, होशंगाबाद, विदिशा आने-जाने वालों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

-अविनाश लवानिया, एमडी, MPRDC

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