
इंदौर डेस्क :
अगले महीने से सिटी बसों में सफर महंगा हो जाएगा। किराये में बदलाव एक हफ्ते में करेंगे। 4 किलोमीटर तक के पहले जहां 10 रुपए लगते थे, अब 15 रुपए चुकाना होंगे। नायता मुंडला आईएसबीटी 1 सितंबर से शुरू होगा। एआईसीटीएसएल की सभी बसें यहां एकसाथ शिफ्ट नहीं होंगी। इन्हें चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट किया जाएगा।
यह फैसले रविवार को अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड में मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांक सिंह की अध्यक्षता में बैठक में लिए गए। बैठक में इंटर सिटी, इंट्रा सिटी और इंटर स्टेट बसों के संचालन और प्लानिंग पर चर्चा की गई। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने, ड्राइवर व कंडक्टर के व्यवहार, बसों की शेड्यूलिंग, यात्री पास, बसों की पार्किंग सहित सिस्टम को सेल्फ सस्टेनेबेल बनाने पर बात हुई। सीईओ ने बताया कि करीब 400 बसों का संचालन नायता मुंडला से होना है। 1 सितंबर से बसों का संचालन यहां से शुरू होगा।
शहर में कामकाजी लोगों की संख्या वर्तमान में 12.23 लाख है। वर्ष 2032 तक 19.87 लाख होने का अनुमान है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोग सिटी बसों का ही इस्तेमाल करेंगे।
- 400 सिटी बसें चलती हैं शहर में
- 29 सीएनजी बसें हैं बीआरटीएस में
- 30 इलेक्ट्रिक बसें हैं बीआरटीएस में
- 2.5 लाख यात्री हर दिन सफर करते हैं

टैक्स की राजधानी में जनता पर एक और बोझ डाला
सिटी बसों के किराए के रूप में लोगों पर एक और बोझ लादने की तैयारी है। नगर निगम इससे पहले जलकर और संपत्तिकर बढ़ा चुका है। किराये में वृद्धि को सिटी बसों को घाटे से उबारने का कदम बताया जा रहा है। दरअसल, सिटी बसों का संचालन एआईसीटीएसएल 2006 से कर रहा है। वर्तमान में माली हालत खराब है। कंपनी करीब 40 से 42 करोड़ के घाटे में है।



