मध्यप्रदेश

कैलाश विजयवर्गीय को दिग्विजय सिंह का नाम लेते ही लगा ‘झटका’: बोले- अरे यार करंट लग गया, इस नाम में ही करंट

भोपाल डेस्क :

भोपाल के समन्वय भवन में मध्यप्रदेश ओलिंपिक संघ का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ओलिंपिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह का नाम लेते हुए माइक को छुआ। जैसे ही उन्होंने आदरणीय दिग्विजय जी कहा तुरंत हाथ को झटकते हुए कहा कि अरे यार करंट लग गया, इस नाम में ही करंट लग गया। दिग्विजय जी करंट वाले हैं। बहुत काम करते हैं। वे ओलिंपिक संघ के लिए बहुत मेहनत करते हैं।

CM बोले- आज यहां खिलाड़ियों के नए समय का शंखनाद

विजयवर्गीय के बाद कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संबोधित किया। कहा- आज यहां खिलाड़ियों के नए समय का शंखनाद हुआ। अब मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे आगे जाएगा। विश्वास जी को खेल की बागडोर ही इसलिए दी गई है कि हमारा विश्वास कायम रहे। नई शिक्षा नीति में हमने खेल को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। यह ऐतिहासिक कदम है। वह गया जमाना जब ओलिंपिक में खाली हाथ लौटते थे। मुख्यमंत्री ने सीएम फंड से ओलिंपिक संघ को 11 लाख रुपए देने का ऐलान भी किया है।

विजयवर्गीय ने यह भी कहा

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जो जीता वही सिकंदर। मैं इसमें थोड़ा सुधार करना चाहता हूं। जो जीता वो विनम्र। सिकंदर बन जाता है तो कॉलर खड़ी हो जाती है और इसके बाद कभी नहीं जीतता। इसलिए जब जब जीत हासिल हो उतना विनम्र बनें।

खेल किसी भी सभ्य समाज के लिए जरूरी: खेल मंत्री

खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- निश्चित रूप से खिलाड़ी और खेल मैदान किसी भी सभ्य समाज की स्थापना के लिए बहुत जरूरी है। खेल के माध्यम से ही समाज को जोड़ा गया है। मुझे यह कहते हुए संकोच नहीं है कि उस समय की सरकारों ने नौकरी, शिक्षा, व्यवसाय को इस तरह से डिजाइन किया था कि लोगों को लगता था इससे कैरियर नहीं बनेगा। इसलिए कहावत चलती थी कि पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब। मगर अब बदलाव आया है और अब हम खेलों में भी हम जो नेतृत्व कर रहे हैं। धीरे-धीरे स्थिति बदल रही है। आज नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस देश का खेल उस स्थान पर पहुंचेगा, जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते हैं।

पहली बार किसी देश का प्रधानमंत्री रात 2 बजे उनको खुद फोनकर बधाई देता है, जैसे कि हमारी टीम वर्ल्ड कप में हारी तब भी पीएम ने ड्रेसिंग रूम में उनकी हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री जी से मेरी चर्चा हुई, जैसे अनेक विभाग खेलों के लिए काम करते हैं। जैसे स्कूल शिक्षा, हायर एजुकेशन सभी अपना अपना काम करता है। आज हमने ओलिंपिक संघ के पदाधिकारियों और खेल संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की है, मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खेल संघों ने कहा कि इस बजट को लेकर खेल संघों को अनुदान हर साल मिल सके इसका मार्ग तय करेंगे। मध्य प्रदेश सरकार खेलों के उन्नयन के लिए कटिबद्ध है।

सचिव बोले- 11 में पहली बार CM-खेल मंत्री हमारे मंच पर

ओलिंपिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह ने कहा- 72 वर्ष में पहली बार खेल जगत गौरवान्वित महसूस कर रहा है। सभी पदाधिकारी शीर्ष ऊंचाईयों पर पहुंच रहे हैं। हमारे पदाधिकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे शीर्ष स्थान पर पहुंचे हैं। हमारे पदाधिकारी विश्वास सारंग खेल मंत्री बने हैं। यह गौरव का विषय है। हम यहां सभी का स्वागत करते हैं यह हमारे जिले गर्व का तो विषय है ही और जिम्मेदारी का भी है। कुछ दिन पहले मैं इंदौर में था, मुख्यमंत्री जी भी वहीं थे, जहां उन्होंने खेलों को लेकर चिंता भी व्यक्त की थी।

11 साल में पहली बार हमारे मंच पर मुख्यमंत्री और खेल मंत्री उपस्थित हैं। अब यह हमारा डबल इंजन का खेल है। राष्ट्रीय खेल अक्टूबर में गोवा में हुए थे। इसमें मध्य प्रदेश में पहली बार चौथा स्थान प्राप्त किया। दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक हमारे पीछे थे। यह हमारी उपलब्धि रही है। यह सभी के प्रयास से हासिल किया है। इस दौरान 112 मेडल मध्य प्रदेश को मिले हैं। यह हमारे लिए गौरव की बात है। पहली बार बच्चों को थर्ड एसी में भेजा गया है यह भी विभाग की उपलब्धि है।

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