खेल डेस्क :
बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने कहा कि भारतीय टी20 टीम को रोहित शर्मा और विराट कोहली की कमी की भरपाई करने में दो तीन साल लगेंगे. सैतीस वर्ष के रोहित और 35 वर्ष के कोहली ने टी20 विश्व कप जीतने के साथ इस प्रारूप से विदा ली. बता दें, भारत ने आईसीसी टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से हराकर दूसरी बात टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. भारत ने साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था और उसके बाद से टीम इंडिया खिताब नहीं जीत पाई थी।
रोजर बिन्नी ने कहा कमी पूरी करने में लगेंगे साल
बिन्नी ने फाइनल के बाद मीडिया से कहा,”आईपीएल में काफी प्रतिभायें हैं. इससे कई क्रिकेटर आ रहे हैं लेकिन इस कमी को पूरा करने में समय लगेगा (रोहित और विराट के संन्यास के बाद ).” उन्होंने कहा,”इन दोनों ने इतना योगदान दिया है कि इसमें समय लगेगा. अगले दो तीन साल के बाद ही टीम यह कमी पूरी करके खड़ी हो सकेगी.” विश्व कप 1983 जीतने वाली टीम के सदस्य रहे बिन्नी ने कहा,”1983 में हम छिपे रूस्तम थे. उसके बाद वह ठप्पा हम पर से हट गया. विश्व कप में हमेशा हमसे जीत की उम्मीद की जाने लगी. अब हमें कोई हलके में नहीं लेता.”
ऐसा रहा मुकाबला
भारत ने रोमांचक उतार-चढ़ाव से भरे फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को शनिवार को सात रन से पराजित कर 17 साल के लम्बे अंतराल के बाद दूसरी बार टी 20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया. भारत ने सात विकेट पर 176 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की चुनौती को आठ विकेट पर 169 रन पर थाम लिया. हार्दिक पांड्या ने 20 रन पर तीन विकेट तथा जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने दो-दो विकेट लेकर भारत को आखिरकार चैंपियन बना दिया। भारत ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला टी 20 विश्व कप जीता था।
भारतीय टीम ने कोच राहुल द्रविड़ को विदाई के रूप में विश्व कप का विजयी तोहफा दिया. यह विश्व कप द्रविड़ का आखिरी कार्यकाल था. द्रविड़ के चेहरे पर मुस्कान साफ़ तौर पर देखी जा सकती है. इस खिताबी जीत के बाद कप्तान की, खिलाड़ियों की और सपोर्ट स्टाफ़ की, टीवी के कॉमेंटेटर्स की आवाज़ में आंसू झलक रहे हैं और ज़ाहिर तौर पर यह पल भारतवासियों के लिए गौरवपूर्ण क्षण होने के साथ साथ भावुक क्षण भी है. जीत हासिल करते ही रोहित शांत हो गए और उनकी आंखों पर आंसू को साफ़ तौर पर देखा जा सकता था. बुमराह मैदान में काफ़ी उत्साहित दिखाई दे रहे थे. द्रविड़ ने बाउंड्री लाइन के पास हार्दिक को गले लगाया है. ज़्यादा दिन नहीं बीते हैं जब अहमदाबाद में पूरा देश इन खिलाड़ियों की आंखों से रो रहा था लेकिन आज ख़ुशी के आंसू बहने से कोई ख़ुद को रोकना भी नहीं चाहता।
दक्षिण अफ्रीका की तरफ से हेनरिक क्लासेन ने मात्र 27 गेंदों में दो चौकों और पांच छक्कों की मदद से 52 रन की पारी खेली. वह जीत को भारत से दूर ले जा रहे थे लेकिन हार्दिक ने क्लासेन को विकेटकीपर पंत के हाथों कैच कराकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया. बुमराह ने मार्को यानसन को बोल्ड कर दक्षिण अफ्रीका की कमर तोड़ दी. हार्दिक ने 20वें ओवर की पहली गेंद पर डेविड मिलर और पांचवीं गेंद पर कैगिसो रबाडा को आउट कर मैच और खिताब भारत की झोली में ड़ाल दिया. पहली बार विश्व कप फ़ाइनल खेल रहे दक्षिण अफ्रीका का इस हार के साथ विश्व चैंपियन बनने का सपना टूट गया