विदिशा

हर रोज कम से कम चार उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करें और जहां कहीं कमियां पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ प्रकरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें।

विदिशा डेस्क :
   कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में स्कूलों के निरीक्षण करने हेतु दल गठित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी अतुल मुद्गल को दिए हैं।
   कलेक्टर भार्गव ने कहा कि पिछली पाक्षिक अवधि में सिरोंज एवं लटेरी अनुविभाग क्षेत्र के स्कूल, आंगनबाड़ी व उचित मूल्य की दुकानें समय पर नहीं खुल रही हैं जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए दोनों अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश ही नहीं दिए बल्कि औचक निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं की हिदायत दी है।
   कलेक्टर ने लटेरी क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण हेतु क्षेत्र की कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि हर रोज कम से कम चार उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करें और जहां कहीं कमियां पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ प्रकरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें।
   कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी दोनों को मंगलवार व गुरूवार को लटेरी क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कर प्राप्त होने वाली शिकायतों की वस्तुस्थिति से अवगत होकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें ताकि संबंधितों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा सके।     
 सभी विकासखण्डों के जिला शिक्षा अधिकारी व बीआरसी को निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्कूली बच्चे जिनकी समग्र आईडी नहीं बनी है, उन बच्चों की नवीन समग्र आईडी बनाने का कार्य 15 दिवस के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें।
   जिले के विभिन्न विभागों हेतु स्वीकृत नवीन भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी की गई राशि से जिले में 32 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कराया जाना है इसके लिए जिला पंचायत सीईओ के द्वारा राशि भी जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है। उन कारणों से अवगत कराने के निर्देश देते हुए लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के तथा निर्माण ऐजेन्सी पीआईयू के कार्यपालन यंत्री को दिए हैं।
    कलेक्टर भार्गव ने सभी विभागों के जिला अधिकारियों व खण्ड स्तरीय अधिकारियों से कहा है कि शासकीय भवनों के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि की प्राप्ति के प्रस्ताव अपर कलेक्टर को प्रस्तुत करें ताकि जमीन की समस्या का निदान अबिलंव हो सके।
    आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार नहीं बंटने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र के एसडीएम को जांच कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अनेक क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि समूह द्वारा पोषण आहार का वितरण नहीं किया जा रहा है। अतः ऐसे समूह के खिलाफ सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए अब तक पोषण आहार क्यों वितरित नहीं किया जा रहा था उन कारणों पर आधारित प्रतिवेदन जिला कार्यालय को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश जिला कार्यालय को दिए गए हैं। 



  कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों के जिलाधिकारियों से कहा कि अब सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का निराकरण पूर्वानुसार शिविर आयोजित करें। इन शिविरों में संबंधित आवेदक की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के जबावदेंही संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूची भेजें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 20 तारीख को सीएम हेल्पलाइन की प्रदेश स्तरीय ग्रेडिंग सूची जारी हो जाती है। अतः विदिशा जिला वॉटम फाइव में शामिल ना रहे इसके लिए जिन विभागों के आवेदक बहुतायत संख्या में लंबित हैं उन विभागों के अधिकारियों को विशेष पहल करनी होगी और हर रोज निराकरण की अपडेट जानकारी से डिप्टी कलेक्टर व नोडल अधिकारी श्रीमती अमृता गर्ग को अवगत कराने के निर्देश समीक्षा बैठक में दिए गए हैं।
     नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित उक्त बैठक में विभिन्न विभागों के द्वारा आवेदनों के निराकरण हेतु की गई पहल व निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारियां प्रस्तुत की गई थीं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट, अपर कलेक्टर वृन्दावनसिंह, सहायक कलेक्टर सुश्री अर्चना कुमारी के अलावा डिप्टी कलेक्टर श्रीमती आरती यादव, श्रीमती अमृता गर्ग, हर्षल चौधरी के अलावा विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी मौजूद थे।

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