जयपुर

इंदिरा रसोई की थाली में फर्जीवाड़ा: फर्जी कूपन काटकर सरकार से रुपए ले रही एजेंसियां, कई पर लगी लाखों की पेनल्टी

जयपुर डेस्क :

राजस्थान में गरीब को 16 रुपए में दो वक्त का भरपेट भोजन करवाने के लिए सरकार की इंदिरा रसोई को चलाने वाली संस्थाएं अब फर्जीवाड़े पर उतर आई हैं। गरीबों का पेट भरने के बजाए कुछ संस्थाएं खुद की जेब भरती नजर आ रही है। सरकार से ज्यादा से ज्यादा अनुदान की राशि उठाने और लाभ कमाने के लिए संस्थाएं फर्जी कूपन काटकर सरकार को दे रही है।

इस तरह के मामले में पिछले कुछ महीनों से लगातार स्वायत्त शासन विभाग को शिकायत मिल रही है। इसे देखते हुए विभाग ने 32 रसोई संचालकों पर 80 लाख रुपए की पेनल्टी लगाते हुए लाइसेंस निरस्त करके उनको ब्लैक लिस्ट कर दिया है। वहीं, 300 रसोईयां ऐसी हैं। जहां छोटे स्तर पर फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। इन पर छोटी-मोटी पेनल्टी लगाकर छोड़ा गया है।

ऐसे करते है फर्जीवाड़ा

सूत्रों के मुताबिक संचालकों ने एक ही व्यक्ति की फोटो पर एक दिन में 4 से ज्यादा कूपन काट दिए। वहीं, एक ही नंबर पर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से कूपन काटने के मामले सामने आए हैं। कई जगह तो राजनेताओं के फोटो से ही कूपन काट दिए गए। पिछले दिनों मुख्यमंत्री समेत कई नेता और प्रभारी मंत्रियों ने राज्य के अलग-अलग शहरों में इंदिरा रसोई को प्रमोट करने के लिए खाना खाया था। तब उनके नाम और फोटो से कई फर्जी कूपन काटे गए। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो को कैमरे के सामने रखकर उससे फोटो खींचकर बिल या कूपन काटे गए। इस तरह का काम करने वाली 32 संस्थाओं पर स्वायत्त शासन विभाग ने 80 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाते हुए उनके लाइसेंस निरस्त किए है।

10 फीसदी बिलों में भी मोबाइल नंबर नहीं डाले
इन 32 रसोई संचालकों के अलावा 297 से ज्यादा ऐसे रसोई संचालक हैं, जिन पर 1 हजार से लेकर 3500 रुपए तक का जुर्माना लगाया है। ये जुर्माना कूपन में फोन नंबर नहीं दर्ज करने के लिए है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इन रसोई संचालकों ने एक दिन या एक सप्ताह में जितने भी कूपन काटे। उसमें से 10 फीसदी में भी खाना खाने वालों के मोबाइल नंबर नहीं डाले है। इन सभी 297 रसोई संचालकों पर कुल 5 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला है।

सरकार एक थाली पर देती है 17 रुपए का अनुदान
इंदिरा रसोई में आमजन को 8 रुपए में एक थाली खाना दिया जाता है। इसमें 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती के अलावा कुछ जगहों पर चावल भी दिए जाते है। खाना खिलाने वाली एजेंसी को एक थाली पर 8 पर खाना खाने वाले से, जबकि 17 रुपए का अनुदान अलग से सरकार देती है।

एक दिन में 200 थाली देने का प्रावधान
रसोई संचालक को एक दिन में सुबह-शाम 100-100 व्यक्तियों यानी कुल 200 व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था होती है। नियम के मुताबिक एक दिन में एक व्यक्ति को अधिकतम 4 थाली खाना (2 सुबह और 2 शाम) ले सकता है।

इन संस्थाओं के लाइसेंस निरस्त

फर्जीवाड़ा करने के मामले में स्वायत्त शासन निदेशालय ने जिन 32 संस्थाओं के लाइसेंस निरस्त करते हुए उनकी रसोईयों को बंद भी की है। साथ ही इन संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है, ताकि ये संस्थाएं अब आगे किसी दूसरी सरकारी योजनाओं में आवेदन न कर सके। हालांकि इनमें से कुछ संस्थाओं ने सरकार के इस एक्शन के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका मामला अब कोर्ट में पेंडिंग चल रहा है।

इन संस्थाओं के खिलाफ हुई कार्रवाई

  1. श्री श्रीनाथ एक्यूप्रेशर शेध संस्थान, भीलवाड़ा
  2. महिला बहुद्धेशीय सहकारी समिति लि. संत कुम्हेर भरतपुर
  3. सवेरा कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, सिरोही
  4. किसान ग्रामीण विकास समिति, किशनपुरा (सीकर)
  5. हर्षित सेवा समिति, सादुलशहर (चूरू)
  6. जन कल्याण स्वास्थ्य शिक्षा पर्यावरण विकास समिति
  7. सरस्वती बालिका विद्यापीठ समिति चूरू
  8. श्याम सुंदर सोमानी, निम्बाहेड़ा
  9. ग्रामीण विकास समिति खुदाना (झुंझुनूं)
  10. आईडियल पब्लिक एज्यूकेशन सोसायटी केशवारायपाटन
  11. एनवायरमेंट हैल्थ, डवलपमेंट सोशल रिसर्च समिति, धौलपुर
  12. तुलसी शिक्षा समिति, धौलपुर
  13. आजाद जाग्रति विकास संस्थान, सरमथुरा
  14. राेजगार युवा समिति, गंगापुरसिटी (सवाई माधोपुर)
  15. लोकेश एन्टरप्राइजेज बिलाड़ा
  16. श्री करणी जागृति संस्थान, रतनगढ़ चूरू
  17. बालाजी एसएचजी खारिया, झुंझुनूं
  18. सर्व सेवा संस्थान, भीलवाड़ा
  1. प्रगति ग्रामीण विकास सेवा संस्थान, बांसवाड़ा
  2. शांति मैत्री मिशन संस्थान, बीकानेर
  3. वेदांत फाउण्डेशन, अलवर
  4. अन्नपूर्णा महिला समिति, सवाई माधोपुर
  5. आत्मनिर्भर एसएचजी, सवाई माधोपुर
  6. भगवती मेमोरियल शिक्षण संस्थान, सवाई माधोपुर
  7. पायसविनी शिक्षा समिति, सवाई माधोपुर
  8. लालबहादुर शास्त्री शिक्षा समिति, हनुमानगढ़
  9. श्री ठाकुरदास शिक्षा समिति, अलवर
  10. सहारा एज्युकेशन डवलपमेंट वेलफेयर सोसायटी, अलवर
  11. सिटी लाइलीहुड सेंटर, नगर परिषद झालावाड़
  12. मणि सिंह सेवा सोसायटी, अलवर
  13. यूथ रूरल डवलपमेंट ट्रस्ट, जयपुर

कुछ संचालक योजना में भी व्यापार ढूढने में लगे

इन्दिरा रसोई के नोडल अफसर नवीन भारद्वाज ने बताया- बहुत सारे रसोई संचालक अच्छे से काम कर रहे हैं। कुछ संचालक इस योजना में भी व्यापार ढूंढने लगे हैं। इसके लिए आईटी की टीम इनके पोर्टल को लगातार चैक करती है। उसमें कई मामले सामने आते हैं। जैसे फोटो से फोटो खींच ली गई। साथ ही अलग-अलग नाम लिख दिया। अलग-अलग संख्या में कूपन काटने का प्रयास किया जाता है। अभी तक 32 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने का काम किया है। पेनल्टी लगाई है। वहीं, जो लाभार्थी के मोबाइल नंबर नहीं अंकित नहीं करते हैं। उन पर भी पेनल्टी लगाई गई है। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

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