MP में पहली बार एम्स भोपाल में हुआ ऐसा ऑपरेशन: 3डी प्रिंटर से जबड़ा बनाकर 3 की जगह 1 घंटे में कर दिया जटिल ऑपरेशन

भोपाल डेस्क :
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में हमारी टीम ने 3डी प्रिंटेड मॉडल की सहायता से जबड़े के ट्यूमर (गठान) का ऑपरेशन किया। हाल ही में यहां हाई-हैंड 3डी प्रिंटर लाया गया है। इसकी मदद से 2 मरीजों के ऊपर व नीचे के जबड़े के अलग-अलग गठान की सफल सर्जरी की गई।
खास बात यह रही कि एक ऑपरेशन को 1 घंटे में ही अंजाम दे दिया गया जबकि इसमें कम से कम 3 घंटे लगते हैं। साथ ही इस तकनीक से एक्यूरेसी भी 99% रहेगी। यानी पहले जहां इस तरह के 100 ऑपरेशन में 5-7% में कमी रह जाती थी, इस तकनीक से 99% ऑपरेशन सफल होंगे। मरीजों की रिकवरी भी जल्दी हुई और एनेस्थीसिया भी कम देना पड़ा।
बच्चे के तालू में थी सूजन
बैरसिया रहवासी 11 साल के बच्चे को तालू में सूजन की शिकायत थी और खाना चबाने और निगलने में काफी परेशानी हो रही थी। जांच में पता चला कि उसे विनाइल ट्यृूमर है। तालू की गठान ब्रेन तक पहुंच जाती और बड़ी सर्जरी करनी पड़ती। एआई की मदद से हमने जबड़ा बनाया और इस पर ऑपरेशन की प्लानिंग की। इससे एनेस्थेसिया कम लगा और बच्चा 8 की जगह 5 दिन में ही ठीक हो गया।
31 साल की महिला की जबड़े की हड्डी गल रही थी
एमेलोब्लास्टोमा से पीड़ित एक 31 वर्षीय महिला एम्स पहुंची। जांच की तो पता चला कि जबड़े की थोड़ी सी ही हड्डी बची हुई थी। इसके लिए भी हमने वही प्रोसेस फॉलो की और ऑपरेशन किया। जबड़े में गठान और पस निकल रहा था। हमें सिर्फ बोन ग्राफ्टिंग करनी पड़ी। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।
एम्स में 4.5 करोड़ की लागत से 3डी पॉली-जेट प्रिंटर का इंस्टॉलेशन किया गया है। इसके जरिए किसी भी अंग की हूबहू 3डी आकृति तैयार की जा सकती है।
-प्रो. डॉ. अजय सिंह, डायरेक्टर, एम्स
इस तकनीक से…
डॉक्टर्स को फायदे…
- जबड़े की एनाटॉमी और ज्यादा अच्छे तरीके देखी जा सकती है।
- जटिल सर्जरी की प्लानिंग की जा सकती है।
- सर्जरी के बारे मरीज और उसके अटेंडेंट को अच्छी तरह से समझाया जा सकता है।
- ऐसी मॉडल का प्रयोग करके, हड्डी कट करने की गाइड बनाई जा सकती है।
मरीज को फायदे
- 3डी मॉडल से मरीज को सर्जरी समझने में आसानी होती है।
- मरीज की सर्जरी का समय भी काम लगता है।
- बेहोशी टाइम भी कम लगता है।
- सर्जरी छोटे फाड़ से की जा सकती है।



