प्रतिबंध के बाद भी भूसे का परिवहन जारी: गौशालाओं व पशु पालकों के सामने खड़ा हो सकता है बड़ा संकट

आनंदपुर डेस्क :
कम वर्षा होने के कारण इस बार क्षेत्र में ज्यादातर किसानों ने दलहनी फसलों की पैदावार ली है। इससे गेहूं के रकबे में काफी कमी आई है। इस बार ब्लाक लटेरी में गेहूं का रकबा कम रह गया है। इधर भूसा परिवहन पर रोक का आदेश होने जारी होने के बाद भी क्षेत्र के खेतों से व्यापारी भूसा खरीदकर जिले से बाहर ले जाने और स्टाक करने की तैयारी में जोरों से हैं जिससे की सीज़न में ही पशु पालकों को 600 से 700 रपये प्रति कुंटल भूसा खरीदना पड़ रहा है
बारिश के दिनों में पशु पालकों को भूसा और दाम दोनों को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है पिछले वर्ष भी भूसा बाहर जाने के कारण प्रति ट्राली दो हजार रूपये से लेकर तीन हजार रूपये ट्राली भूसा खरीदना पड़ा था यदि प्रसाशन ने गंभीरता से इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ सकती है खासकर गौशालाओं और पशु पालकों को भूसे की समस्या आ सकती हैं।

गांव गांव घूम रहे हैं व्यापारी
भूसा खरीदने के लिए व्यापारी गांव गांव घूम रहे हैं हार्वेस्टर से फ़सल कटाई करवाने के बाद व्यापारी खुद किसानों से नरवाई का भूसा ठेका में निकलवा कर लें जातें हैं । इसके कारण भूसा का स्थानीय स्तर पर स्टाक ज्यादा नहीं हो पाता है जो वही दाम ज्यादा हो जाने के कारण किसान भी व्यापारीयों को भूसा बेंच देते हैं। गांव के लोग आपनी गाय भैंसों के लिए तो भूसा का स्टाक कर लेते हैं लेकिन समस्या उन पशु पालकों को आयेंगी जो बाजार से भूसा खरीद कर खिलाते हैं।

सीज़न में ही होता है भूसे का परिवहन
इसी सीजन में प्रतिदिन दर्जनों ट्रक और ट्रेक्टर ट्राली से भूसा जिले से बाहर जाता है। आए दिन हो रहे भूसा परिवहन पर रोक लगाने आदेश तो जारी होता है लेकिन कार्यवाई नहीं होती यदि सही तरीके से कार्यवाई हो जाएं तो अवैध भूसे का परिवहन रोका जा सकता हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो ब्लॉक लटेरी के पशुपालकों को भूसे का एक बड़ा संकट



