इंदौर

कलेक्ट्रेट का भ्रष्टाचारी बाबू पर 5.68 करोड़ गबन: अय्याशी कर कॉल गर्ल को लाखों रुपए दिए; पत्नी सहित 29 पर केस

इंदौर डेस्क :

इंदौर कलेक्ट्रेट में अनुकंपा नियुक्ति पर लगे एक बाबू ने करोड़ों का घोटाला कर दिया। इससे अपने आसपास के लोगों को भी फायदा पहुंचाया। मामले में 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

कलेक्ट्रेट के बाबू मिलाप चौहान का अब तक 5 करोड़ 67 लाख 96 हजार रुपए का गबन सामने आ चुका है। हितग्राहियों को अलग-अलग मदों में इस राशि का भुगतान होना था, जो मिलाप अपने खाते के अलावा एक अन्य बाबू, एक भृत्य, अपनी पत्नी सहित 30 खातों में करता था। जब साथी पूछते थे, फंसेंगे तो नहीं… तो कहता था- चिंता मत करो, कोई नहीं फंसेगा, सबको उनका हिस्सा देता हूं।

कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया, मिलाप के साथ ही कर्मचारी रणजीत करोड और प्यून अमित निम्बालकर को भी निलंबित किया है। पुलिस ने 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर की है।

रणजीत को सांवेर तो अमित को हातोद कार्यालय में अटैच किया है। अपर कलेक्टर राठौड़ के मुताबिक कलेक्टोरेट से कई मदों में पैसा जाता है। इसमें कई तरह के वेंडर शामिल होते हैं। शासन का पैसा वह इन नाम के खातों में डालता, लेकिन उसमें खाता नंबर खुद, पत्नी और अन्य का होता था। कोविड के बाद से ही उसने इस पैसे को दूसरे अकाउंट में डाला।

फ्लाइट बुकिंग पर ही खर्चे 10 लाख से ज्यादा

सूत्रों के अनुसार, आरोपी के बैंक और ऑनलाइन भुगतान विवरण से पता चला कि उसने ‘मेकमाईट्रिप’ के माध्यम से विभिन्न स्थानों के लिए फ्लाइट टिकट बुक करने के लिए कथित रूप से 10 लाख रुपए से अधिक खर्च किए। कई लोगों को लोन के रूप में भी रुपए दिए। ट्रेजरी बिल घोटाले में अधिकारियों को कुछ ‘संदिग्ध’ दावों और रुपए के लेन-देन की जांच के लिए भोपाल से डेटा मिला है। इसके अलावा, राज्य के कोषागार आयुक्त ज्ञानेश्वर बी पाटिल के मामले की जांच के लिए इंदौर आने की उम्मीद है।

निलंबन के बाद वीडियो कॉल पर अय्याशी कर रहा था

अफसरों ने बताया, निलंबित होने के बाद भी वह उस दिन वीडियो कॉल पर अय्याशी कर रहा था। उसका बड़ा भाई व बाबू सहित कई लोग भी अय्याशी में शामिल थे। गोवा, मुंबई में भी साथियों को लेकर जाता था। उसने कई कॉल गर्ल के खातों में 20 से 40 लाख रुपए तक डाले।

बोला- 3 करोड़ तो मैं दे दूंगा, बची राशि दूसरे देंगे

जांच अधिकारी एडीएम राजेश राठौड़ के मुताबिक मिलाप 2020 से यह काम कर रहा था। जांच टीम ने जब उससे कहा कि सरकार का पैसा लौटा दे, अय्याशी बहुत हो गई। इस पर उसने कहा- फार्म हाउस और खेत हैं, उन्हें बेचकर 3 करोड़ तो मैं लौटा दूंगा। बची राशि का पूछने पर बोला, दूसरे साथियों को दिए, वे ही देंगे।

धोखाधड़ी, आपरािधक षड्यंत्र में एफआईआर

रावजी बाजार टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर के अनुसार पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 409 और 120 बी में केस दर्ज किया है। अरोपी मिलाप सिंह चौहान, रणजीत सिंह करोड, अमित निम्बालकर, मनीषा चौहान, संतोषी बाई, राहुल चौहान, राकेश परिहार, पूजा परिहार, समेत 29 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है।

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