सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा- इंदौर, उज्जैन, देवास और धार के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाएंगे मेट्रोपोलिटन सिटी

इंदौर डेस्क :
‘मुझे पता चला कि 60 से ज्यादा देशों में हमारा अपने यहां का कृषि उत्पाद काबुली चना जाता है। काबुली नाम भले ही काबुल से होगा, लेकिन वह है तो इंदौरी चना। इस बात का हमारे लिए आनंद है। सिर्फ नाम काबुली है, तो आज नहीं तो कल काबुल भी हमारा होगा। हमें क्या तकलीफ है। काबुली चना आज भी हमारा है, कल भी हमारा ही रहेगा। इस बात के लिए बधाई देना चाहता हूं।’
यह बात सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार इंदौर में कही। सीएम यहां एक निजी होटल में काबुली चना ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रथम वार्षिक सम्मेलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा- जब किसान गेहूं लगाता है तो उसमें बिजली ज्यादा लगती है, पानी ज्यादा लगता है और मुनाफा कम होता है। लेकिन जब किसान काबुली चना लगाता है तो उसे बिजली और पानी कम लगती है। वहीं उसको मुनाफा भी ज्यादा मिलता है।
इंदौर और उज्जैन अलग नहीं, एक ही
सीएम ने आगे कहा कि इंदौर और उज्जैन अलग नहीं है एक ही है। एयर डिस्टेंस देखें तो इंदौर और उज्जैन के बीच 32 किमी की दूरी ही है। आने वाले समय में वाणिज्यिक और व्यापारिक दृष्टि से मध्य प्रदेश का भविष्य उज्जवल है।
सीएम ने कहा- इंदौर,उज्जैन, देवास और धार जिले के कुछ हिस्सों को मिलाकर मेट्रोपोलिटन सिटी का स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारियों को मध्यप्रदेश में आकर व्यापार करने का निमंत्रण भी दिया।
एयरपोर्ट पर लिया शुक्रवार के जलजमाव का जायजा
इससे पहले शनिवार शाम इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद जल जमाव की स्थिति को लेकर जानकारी ली। कलेक्टर आशीष सिंह ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया और बताया कि अचानक हुई तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर जल निकासी बाधित हो गई थी। प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बन गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति निर्मित नहीं हो इसके लिए नगर निगम इंदौर और इंदौर विकास प्राधिकरण उचित और स्थायी प्रबंध सुनिश्चित करें। इस दौरान संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता और आयुक्त नगर निगम शिवम वर्मा उपस्थित थे।



