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BREAKING NEWS- गंजबासौदा में पुलिस पूछताछ के बाद नाबालिग ने लगाई फांसी: गुस्साए लोग शव रखकर कर रहे प्रदर्शन

विदिशा डेस्क :

गंजबासौदा में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले नाबालिग लड़के की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने उसे चोरी के एक मामले में 5 सितंबर तो हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। घर लौटकर वह फांसी पर झूल गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसने दम तोड़ा।

मौत से गुस्साए लोगों ने जयस्तंभ चौक पर शव रखकर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रविवार दोपहर 3 बजे के बाद से मुख्य चौराहे पर जाम की स्थिति है। प्रदर्शनकारी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। हालात को काबू करने के लिए मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

लोगों का कहना है कि पुलिस ने मृतक को थाने ले जाकर डराया, धमकाया। इसके बाद उसने अपने घर आकर फांसी लगा ली। जब तक इस मौत के जिम्मेदार पुलिसवालों पर कार्रवाई नहीं होती, वे चौराहे से नहीं हटेंगे और न ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे।

लोग बोले- पुलिस ने मारा, डराया-धमकाया फिर छोड़ा

मिर्जापुर, वार्ड क्रमांक 15 के विशाल अहिरवार (17) और दूसरे लोगों को पुलिस 5 सितंबर को देहात थाना लेकर गई थी। उनसे चोरी के आरोप में पूछताछ की गई। लोगों का कहना है कि विशाल और बाकी लोगों से पुलिस ने 3-4 घंटे तक पूछताछ की। उन्हें मारा और डराया-धमकाया। इसके बाद छोड़ दिया। पुलिस से डरकर विशाल ने अपने घर के पीछे वाले हिस्से में फांसी लगा ली।

पुलिस वालों से मौके पर पूछताछ करने की मांग परिजन और बाकी लोग मौके पर पहुंचे SDOP और दोनों थानों के प्रभारियों से मांग कर रहे हैं कि वह उन पुलिस वालों को यहीं पर बुलाएं। सबसे सामने उनसे पूछताछ करें। इसी के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मौके पर NSUI, शिवसेना और अन्य संगठनों के लोगों के साथ पूर्व कांग्रेस विधायक निशंक जैन भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि परिजन की मांगों का मौके पर ही समाधान कराया जाए। साथ ही एसपी को बुलाया जाए। परिजन जिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सार्वजनिक पंचनामा बनाकर कार्रवाई की जाए।

SDOP बोले- दोषियों पर कार्रवाई करेंगे SDOP मनोज मिश्रा ने बताया कि विशाल अहिरवार को 5 सितंबर को इलाज के लिए उसके परिजन अस्पताल लेकर आए थे। उस समय उसके गले पर फांसी के निशान दिख रहे हैं। ड्यूटी डॉक्टर ने बताया था उसकी हालत को ध्यान में रखते हुए विदिशा रेफर किया जा रहा है।

परिजन अपने विवेक से उसे विदिशा न ले जाकर गंजबासौदा के सर्वोदय अस्पताल लेकर गए। करीब पौने बारह बजे सर्वोदय अस्पताल से भी लिखित सूचना मिली। उसमें गंभीर हालत में उसके इलाज की जानकारी दी गई। पता चला है कि परिजन शनिवार को भोपाल लेकर गए थे। हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम कराकर उसके परिजन यहां आए हैं।

SDOP का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि वो क्या चाहते हैं। अभी उनकी कोई डिमांड नहीं है। जैसे ही उनकी मांग सामने आती है हम उसकी विधिवत जांच कराकर जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई करेंगे।

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