भोपाल

बोर्ड परीक्षाओं पर बड़ा अपडेट: 1 मार्च से होगी परीक्षा; इस बार नहीं मिलेगी सप्लीमेंट्री कॉपी, भरनी होगी ओएमआर शीट

भोपाल डेस्क :

दसवीं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं 1 मार्च से शुरु हो रही हैं। इस बार छात्रों को एक्ट्रा कॉपी यानी सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं मिलेगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने इस बार बोर्ड परीक्षा में सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं देने का निर्णय लिया है। इस बार परीक्षा में 20 की जगह 32 पेज की कॉपी छात्रों को दी जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए बोर्ड के प्रवक्ता मुकेश मालवीय कहते हैं कि छात्रों को सिर्फ 32 पेज की कॉपी ही मिलेगी। सभी छात्रों को इसमें ही अपने आसंर कंपलीट करने होंगे। इसके अलावा पहली बार बारकोड का भी इस्तेमाल करेंगे, जिससे छात्र ओएमआर शीट भर सकेंगे। इसके लिए छात्रों को जब कॉपी मिलेगी तब मौजूद टीचर्स भी ओएमआर शीट बारे मे जानकारी भी देंगे। इसकी पूरी जानकारी रोल नंबर पर भी मौजूद है। बता दें कि दसवीं की परीक्षा 1 मार्च से शुरु होकर 27 मार्च तक चलेगीं इसके अलावा बारहवीं की परीक्षा दो मार्च से शुरु होकर 1 अप्रैल तक चलेंगी।

प्रदेश भर से 18 लाख 22 हजार छात्र
इस साल दसवीं बारहवीं में कुल 18 लाख 22 हजार छात्र शामिल होंगे। इसमें दसवीं के 9 लाख 65 हजार और बारहवीं के 8 लाख 57 हजार छात्री परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए इस बार प्रदेश भर में 3852 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से 3099 सरकारी व 753 निजी स्कूलों शामिल हैं। इस साल 618 केंद्रों को संदनशील व अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र की श्रेणी में रखा गया है। इसमें से इनमें से 324 अति संवेदनशील और 294 संवेदनशील केंद्र हैं। जिसमें से अधिकतर भिंड-मुरैना में स्थित हैं। इसके अलावा भोपाल 103 परीक्षा केंद्र हैं। इसमें 8 संवेदनशील परीक्षा केंद्र भी शामिल हैं।

छात्रों को भरनी होगी ओएमआर शीट भी
परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बोर्ड ने चार विषयों की आंसरशीट पर स्टीकर के स्थान पर बार कोड लगाया है। यह प्रयोग सफल रहा तो अगले वर्ष सभी विषयों की बारकोडिंग की जाएगी। साथ ही बोर्ड ने बार कोडिंग वाली आंसरशीटों में दी जा रही ओएमआर शीट को सिर्फ काला व नीला पेन से भरने के निर्देश जारी किए हैं। 10वीं-12वीं परीक्षा की आंसरशीटों में पिछले साल तक रोल नंबर छिपाने के लिए स्टीकर का प्रयोग किया जाता है।

स्ट्रेस के कॉल की संख्या भी बढ़ी
माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की हेल्पलाइन पर रोजाना करीब 550 कॉल आ रहे हैं, इसमें लगातार स्ट्रेस कॉल्स की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। 26 फरवरी को स्ट्रेस से संबंधित 28 कॉल्स आए। जिसमें बच्चों ने बताया कि एग्जाम को लेकर उन्हें तनाव हो रहा है। वहीं उनको काउंसलर्स द्वारा अच्छी नींद और डाइट लेने की सलाह दी जा रही है साथ ही बच्चों को बताया जा रहा है कि वह नया ज्यादा कुछ ना करें। जो पढ़ चुके हैं उसका अच्छे से रिवीजन करें। परीक्षा के आखरी समय में नया कुछ भी शेड्यूल नहीं करें। कोई भी कन्फ्यूजन हो तो सीधे हेल्पलाइन में कॉल करें या पैरेंट्स से बात करें। इसके अलावा सेल्फ इंप्रूवमेंट और टिप्स फॉर एग्जाम के कॉल्स की संख्या भी बढ़ी है। जनवरी से अभी तक कुल 15835 कॉल्स आए हैं।

प्रवेश पत्र पर मुख्य नियम शर्तें एवं निर्देश
– छात्र किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए “उमंग किशोर हेल्पलाइन” के टोल फ्री नं. (14425) पर कॉल करने के अलावा बोर्ड की हेल्पलाइन 18002330175 से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
– परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार का विषय संशोधन मान्य नहीं किया जाएगा।
– परीक्षा केंद्र पर समस्त परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रातः 8:30 बजे उपस्तिथ होना अनिवार्य होगा। परीक्षा कक्ष में प्रातः08:45 बजे के पश्चात किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
– इस वर्ष मुख्य उत्तर पुस्तिका के अतिरिक्त पूरक उत्तर पुस्तिका प्रदाय नहीं की जाएगी मुख्य उत्तर पुस्तिका में ही समस्त प्रश्न हल करना अनिवार्य है।
– अभिभावक अपने बच्चों को कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए उनके द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देंगे तथा यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके बच्चे
बीमार ना हो।
– मप्र. मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 एवं मंडल विनियम 125 के अंतर्गत परीक्षा भवन में परीक्षार्थी द्वारा अपने साथ किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, वर्जित कागजात, चिट
पुस्तकें, नोट्स, कैलकुलेटर, मोबाइल आदि रखना दंडनीय है।
– उत्तर पुस्तिका पर, परीक्षार्थी परीक्षक के लिए कुछ भी न लिखे, इससे परीक्षा निरस्त की जा सकती है। छात्र उत्तर पुस्तिका में लाल स्याही अथवा लाल पेंसिल का उपयोग न करे।
– प्रत्येक परीक्षार्थी को केन्द्र पर अनुशासन बनाये रखने के लिए केंद्राध्यक्ष अथवा उनके सहायको के आदेशों का पूर्ण रूप से पालन करना आवश्यक है। अनुशासनहीनता, उद्दण्डता तथा आदेशों
की अवहेलना करने पर उसे परीक्षा भवन से निकाला जा सकता है और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जा सकती है।
– मांगने पर प्रत्येक परीक्षार्थी को अपना प्रवेश-पत्र दिखाना होगा। अतः प्रत्येक छात्र को प्रतिदिन प्रवेश पत्र लाना अनिवार्य है।

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