विदिशा

बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह धाड़ेगा- राय सिंह

आनंदपुर डेस्क :

संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था की शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह धाड़ेगा। हम सभी को हमारे बच्चों को शिक्षा की ओर ले जाना है हम चाए एक रोटी कम खा लें लेकिन बच्चों को पढ़ने में कभी भी समझौता नहीं करना चाहिए क्योंकि एक पढ़ा लिखा व्यक्ति अपने हक अधिकारों की प्रति आवाज उठा सकता है जो व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं होता उसे हर कोई कहीं भी दवा लेता है और उसके हक मार लेता है यह बात मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे राघोगढ़ सहकारिता सीईओ राय सिंह ने जननायक टंट्या मामा भील के जन्म दिवस समारोह एवं ग्राम गौरव दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत चमर उमरिया में कहीं।

विशेष अतिथि श्याम भिलाला ने कहा कि आज गांव-गांव में शराब की दुकान तो खोली जा रही है लेकिन सरकार शिक्षा के प्रति इतनी गंभीर नहीं है हम सभी को शराब मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है और समस्त बंधुओ से दबाव के साथ बोले की शराब सहित किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन न करें। भारतीय संविधान में हमें जिन आर्टिकलों के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं वह संविधान में तो लिखित में है लेकिन देश-प्रदेश की सरकार है उन्हें जमीनी स्तर पर लागू नहीं कर पा रही है।

महिला अतिथि कमलेश डाबर ने संबोधित करते हुए कहा कि आज जिस प्रकार से नई-नई रूढ़िवादी परंपराएं प्रचलित हो रही हैं उनसे हमें बचने की आवश्यकता है हमें सच्चाई से मुंह नहीं फेरना है हमेशा सच का साथ देना है और रूढ़िवादी परंपराओं का पूरी तरह से परित्याग कर एक शिक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण करना है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका महिलाओं की होती है क्योंकि एक शिक्षित महिला एक नहीं बल्कि दो परिवारों को संवार देती है पहला अपने माता-पिता और दूसरे अपने ससुराल वालों को।

कार्यक्रम से पहले सभी जिले भर के आदिवासी समुदाय के महिलाएं और पुरुष ग्राम पंचायत चमर उमरिया में एकत्रित हुए और पूरे ग्राम में एक भव्य शोभायात्रा निकाली शोभायात्रा में एक ट्राली में गांव के ही बुजुर्ग व्यक्ति जननायक मामा टंट्या भील का स्वरूप धारण कर बैठे हुए आकर्षण का केंद्र रहे। इसी बीच पारंपरिक नृत्य भी किया गया और नन्ही मुन्नी बच्चियों ने भी आदिवासी परंपरा का नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। भव्य शोभा यात्रा के बाद स्कूल प्रांगण में शोभायात्रा पहुंची वहां पर सभी अतिथियों ने मामा टंट्या भील के छायाचित्र बाबा साहेब अंबेडकर महाराणा पूंजा भील, महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले सहित सभी महापुरुषों के छायाचित्र पर फूल माला अर्पित कर दीप प्रज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए महाराणा पूंजा भील जन कल्याण संगठन ब्लॉक अध्यक्ष इंदर सिंह भील ने बड़े ही शानदार तरीके से मंच का संचालन करते हुए अपनी बात रखते हुए कहा कि आज हमें शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार की सख्त आवश्यकता है शिक्षा से जो व्यक्ति जुड़ जाता है उसे रोजगार भी मिल जाता है हमें शिक्षा के प्रति गंभीर ता से सोचना पड़ेगा और हमें हमारी एकता को कायम रखना है महापुरुषों को उतना ही पड़े जितना हम उन्हें अपने जीवन में ढाल सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्ही मुन्नी बच्चियों ने आकर्षित वेशभूषा धारण कर महापुरुषों की विचारधारा वाले गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया इस अवसर पर कालूराम भील, रामचंद्र बाबू, भजन सिंह भील, शंभू सिंह सहित हजारों लोगों उपस्थित रहे।

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