लाडली बहना योजना: सवा करोड़ से अधिक आवेदन आने के बाद अब राज्य सरकार पर 250 करोड़ रु. का अतिरिक्त भार
न्यूज़ डेस्क :
विधानसभा चुनाव में जिस लाड़ली बहना योजना को भाजपा ‘गेम चेंजर स्कीम’ मानकर चल रही है, उसमें सवा करोड़ से अधिक आवेदन आने के बाद अब राज्य सरकार पर 250 करोड़ रु. का अतिरिक्त भार आने वाला है। दरअसल, सरकार ने अपनी व्यवस्थाएं और बजट प्रावधान एक करोड़ महिलाओं के हिसाब से किया है जो बढ़कर 1 करोड़ 25 लाख 33 हजार 145 हो गई हैं।
साफ है कि सरकार को अब हर माह 1253 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में सरकार ने 8000 करोड़ का प्रावधान लाड़ली बहना योजना के लिए रखा है। इसमें 10 जून 2023 से लेकर 10 जनवरी 2024 तक की व्यवस्था थी कि महिलाओं के खाते में एक हजार रुपए दे दिए जाते। तब तक मप्र में सरकार के गठन का काम पूरा हो जाता। अब ये बजट छह माह ही चल पाएगा।
10 दिन में सुर्फ 1425 आपत्तियां
अभी 22 फीसदी फॉर्म बैंकिंग सिस्टम में उलझे हैं। ये डीबीटी लिंक नहीं हुए तो पात्र होने के बावजूद राशि खाते में जमा नहीं हो पाएगी। भाजपा ने सभी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे इस काम को जल्द से जल्द करें ताकि शत-प्रतिशत महिलाओं के खाते लिंक हो जाएं। 15 मई तक दावे-आपत्तियां ऑनलाइन जमा कराने का समय है। 10 दिन में सिर्फ 1425 आपत्तियां आई हैं। जो आपत्तियां आ रही हैं उनका निराकरण विशेष कमेटी करेगी।



