मध्यप्रदेश

MP कैबिनेट का महत्वपूर्ण फैसला- आगर मालवा में नया लॉ सहित 5 जिलों में खोले जाएंगे मेडिकल कॉलेज

भोपाल डेस्क :

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 17 जनवरी को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से शुरू हुई. कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना मध्य प्रदेश में लागू होगी।

विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में समुचित विकास होगा. इन क्षेत्रों में सड़क, आंगनवाड़ी, आवास का जनता को लाभ मिलेगा. विशेष जनजातीय क्षेत्रों में केंद्र की फंडिंग से आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे. यहां छात्रावास भी बनाए जाएंगे. इसमें 60% केंद्र और 40 % राज्य सरकार की हिस्सेदारी होगी. राज्य सरकार ने तय किया है कि इसके लिए अलग से बजट आवंटित किया जाएगा.

विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र में बहुउद्देश्यीय केंद्र बनेंगे. यहां 75 करोड़ की लागत से एक केंद्र बनाया जाएगा. केंद्र सरकार सभी बहुउद्देश्यीय केंद्रों के निर्माण का पैसा देगी. 284 केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. भारत सरकार ने 125 केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति भी दे दी है. कैबिनेट की बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण का भी प्रस्ताव लाया गया है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क बनेगी. विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में आवासों,शौचालयों और सड़कों का निर्माण किया जाएगा. सड़क और आवास मिलकर इस पर 4,604 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा।

इन पदों पर होगी सीधी भर्ती
मोहन यादव की सरकार ने आगर मालवा में नया लॉ कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी है. यहां 30 नए पद भी भरे जाएंगे. चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया. पदोन्नति से भरे जाने वाले प्रोफेसर्स के पद अब सीधी भर्ती से भरे जाएंगे. पांच नए मेडिकल कॉलेज सिवनी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर और सिंगरौली में इसी सत्र से शुरू होंगे. इसलिए सीधी भर्ती का फैसला लिया गया है. यहां 150 पदों को भरा जाएगा.

रामचंद्र पथ गमन की बैठक का जिक्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले चित्रकूट में 16 जनवरी को हुई श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास की पहली बैठक का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि श्रीराम वन पथ गमन के विकास की कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. प्रथम चरण में पथ के अयोध्या से चित्रकूट तक के विकास के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में गतिविधियां संचालित की जाएंगीं. पांच विशेषज्ञों की समिति बनाकर कार्य आरंभ किया जाएगा. जो क्षेत्र चिन्हित हैं वहां पहले कार्य आरंभ होगा. चित्रकूट का विकास, अयोध्या की तरह किया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अमरकंटक का विकास और मंदाकिनी नदी का संरक्षण भी समन्वित रूप से किया जाएगा।

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