जिला कलेक्टर की कार्रवाई: लापरवाही बरतने पर पांच बीआरसी अधिकारियों का वेतन रोका

विदिशा डेस्क :
जिला शिक्षा केंद्र के पांच बीआरसी पर शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने शनिवार को कार्रवाई की है। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने विकासखण्ड विदिशा, बासौदा, कुरवाई, सिरोंज एवं नटेरन के बीआरसी का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर भार्गव ने सात दिनों में सर्वे कर निरक्षरों की सही जानकारी प्रस्तुत कर उन्हें साक्षर करने की कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अतिरिक्त समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना की बिन्दुओं पर भी विचार विमर्श किया गया है। निपुण भारत कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिले के समस्त शिक्षकों से कहा गया है कि पहली, दूसरी एवं तीसरी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए निपुण भारत कार्यक्रम का क्रियान्वयन पूर्ण गंभीरता से करें ताकि आने वाले पीढ़ी शैक्षणिक रूप से सशक्त हो सकें।
भार्गव ने कहा कि जिले में बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक निपुणता के लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए गुरूजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, शत प्रतिशत बच्चे स्कूलों में उपस्थित हों वहीं कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों को क्रियान्वित करने वाले डीईओ, डीपीसी, डाइट तीनों के संयुक्त समन्वय से शैक्षणिक गुणवत्ता में निखार लाएं।
जिला पंचायत सीईओ डा. योगेश भरसट ने अनुशासन पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षक स्वंय अनुशासित रहें और ऐसी ही प्रेरणा विद्यार्थियों को दें। उन्होंने कहा कि कक्षा एक से तीन तक के सभी बच्चे को भाषा और बुनियादी गणित में निपुण बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।



