शिवराज ने कहा था दिल्ली नहीं जाऊंगा, अपने लिए मांगने जाने से बेहतर मरना समझूंगा: अब जायेंगे दिल्ली, नई जिम्मेदारी मिलने की संभव

भोपाल डेस्क :
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार सुबह दिल्ली जाएंगे। वे दोपहर 12 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। चुनाव रिजल्ट के बाद शिवराज का यह पहला दिल्ली दौरा होगा।
शिवराज ने सोमवार को विधानसभा में शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे आज शाम दिल्ली जा रहे हैं। बाद में उनके कार्यालय से दिल्ली जाने के कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी गई।
पिछले दिनों नड्डा ने शिवराज की नई भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था, ‘हम इनके कद के अनुसार काम देंगे। इनके अनुभव का अच्छे तरीके से उपयोग करेंगे।’
माना जा रहा है कि पार्टी ने शिवराज की नई भूमिका तय कर ली है। नड्डा उनसे इसी बारे में चर्चा करेंगे।

महिलाओं के रोने पर शिवराज ने कहा- मामा का रिश्ता प्रेम का
पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा की। महिलाओं के भावुक होकर रोने पर उन्होंने कहा, ‘भाई बहन के रिश्ते हों, मामा या भांजे के रिश्ते हों, मैंने पहले भी कहा है कि भाई का रिश्ता विश्वास का है और मामा का रिश्ता प्रेम का है। ये जो संबंध है, वो स्वाभाविक हैं। ये एक फेज होता है, धीरे-धीरे लोग इसको भूल जाते हैं, लेकिन संबंध रहेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘विधानसभा में पुराने और अनुभवी साथी भी चुनकर आए हैं। नई पीढ़ी का भी पर्याप्त समावेश दिख रहा है। एक और आनंद का विषय है, पीढ़ी परिवर्तन भी हुआ है। मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं तो उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष। पीढ़ी परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयां छुएगा।’

दिल्ली नहीं जाने के सवाल पर भास्कर से कहा था…
मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने 12 दिसंबर मंगलवार को भोपाल में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थे। इस दौरान वे भावुक दिखे थे। उन्होंने कहा था, ‘प्रदेश की जनता ने मुझे अपने ही बीच का माना। छोटे-छोटे बच्चे मुझे मामा कहकर बुलाते हैं तो मैं उन्हें चूमता, गले लगाता हूं। यह मैं कभी नहीं भूलूंगा। अपनी जनता का हृदय से आभारी हूं।’
इस दौरान उनसे पूछा- आपने कहा था कि दिल्ली नहीं जाऊंगा? इस पर शिवराज ने कहा, ‘वो संदर्भ ये था कि बाकी दिल्ली में हैं, आप दिल्ली जाएंगे क्या? अपने लिए कुछ मांगने जाने से बेहतर, मरना समझूंगा। इसलिए मैंने कहा था कि मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा।’



