BREAKING NEWS- मध्यप्रदेश कई शहरों में मंदिर-मस्जिदों से उतरे लाउड स्पीकर: मांस-मछली दुकानों पर भी एक्शन

भोपाल डेस्क :
मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की पहली कैबिनेट में लिए गए फैसलों का असर दिखने लगा है। शुक्रवार को उज्जैन और प्रदेश के दूसरे शहरों में मंदिर-मस्जिदों से लाउड स्पीकर उतारे गए। कई जगहों पर लोगों ने खुद से इन्हें हटाया। वहीं मांस, मछली, अंडे की अवैध दुकानों पर भी सख्ती दिखी।
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की पहली बैठक की थी। जिसमें नियम-कायदों के दायरे में ही धार्मिक और अन्य स्थलों पर लाउड स्पीकर बजाने के आदेश दिए गए थे। साथ ही मांस-मंछली की अवैध दुकानों पर कार्रवाई की बात की गई थी।

डॉ. मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। यहां दमदमा मस्जिद, बोरा बाखल की मस्जिद, महामृत्युंजय द्वार के पास के शिव मंदिर से लाउड स्पीकर यहां के प्रबंधन ने खुद की मर्जी से उतार लिए।
SP सचिन शर्मा ने बताया कि नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए हमने सभी धर्मगुरु और आम लोगों से बात की थी। आगे किसी को लाउड स्पीकर लगाना होगा तो उन्हें इसकी परमिशन लेनी होगी। SP के मुताबिक शादी में भी डीजे में दो साउंड बॉक्स लगाकर निर्धारित डेसिबल तक ही ध्वनि का विस्तार करने की अनुमति रहेगी।

भोपाल में BJP बोली- सख्ती से दुकानें बंद कराई जाएं
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने भोपाल के कुछ इलाकों में देर रात तक मीट दुकानें खुलने का मुद्दा उठाया है। शुक्रवार को वे कलेक्टर आशीष सिंह से मिले और बोले कि एक शहर में दो कानून नहीं चले। सख्ती से दुकानों को बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बुधवारा, चौकी, इमामवाड़ा, मंगलवारा, शब्बन चौराहा, जिंसी मार्केट में 24 घंटे मीट दुकानें खुली रहती हैं। इस कारण गुमास्ता एक्ट का पालन नहीं हो रहा है।

सरकार के आदेश
- मीट और मछली की बिक्री वाली दुकानों पर अपारदर्शी कांच/दरवाजा होना चाहिए। साफ-सफाई भी जरूरी है।
- धार्मिक स्थलों के मुख्य द्वार के सामने 100 मीटर की दूरी के अंदर मीट-मछली बेचना प्रतिबंधित किया गया है।



