प्रदेश के उच्च न्यायालय को मिले 7 नए जज: जबलपुर में चीफ जस्टिस रवि मलिमठ ने दिलाई शपथ, जजों की संख्या 37 हुई, 16 पद अभी भी खाली
न्यूज़ डेस्क :
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को सात नए जज मिल गए हैं। इन सभी के शपथ लेने के बाद प्रदेश के उच्च न्यायालय में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। वर्तमान में जजों के कुल 53 स्वीकृत पद हैं, इनमें से 16 पद अभी भी खाली है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमठ ने नवनियुक्त 7 जजों को शपथ दिलवाई।शपथ ग्रहण समारोह हाईकोर्ट के साउथ ब्लॉक सभागार में हुआ। इस दौरान शपथ लेने वाले न्यायाधीशों के परिवार के लोग भी मौजूद
जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले हाईकोर्ट कॉलेजियम ने सात नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजे थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नामों पर विचार करने के बाद 13 अप्रैल को मंजूरी देते हुए इन्हें हाईकोर्ट जज बनाने की अनुशंसा की थी। राष्ट्रपति की मुहर के बाद विधि एवं कानून मंत्रालय ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी थी।
छह जजों का इसी साल रिटायरमेंट
भले ही आज 7 जजों की नियुक्ति हाईकोर्ट में हुई हो, लेकिन मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या इतनी नहीं बनी रहेगी, क्योंकि इसी साल 6 जजों का रिटायरमेंट भी होना है। जानकारी के अनुसार हाल ही में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जस्टिस वीरेंद्र सिंह 14 अप्रैल को रिटायर हो गए हैं, जबकि जस्टिस अंजलि पालो 18 मई, जस्टिस अरुण शर्मा 28 जुलाई, जस्टिस नंदिता दुबे 16 सितंबर, जस्टिस राजेंद्र वर्मा 30 जून, जस्टिस दीपक अग्रवाल 20 सितंबर और सत्येंद्र सिंह 23 अक्टूबर को रिटायर हो होंगे।

नए जजों का अब तक का कार्यकाल
- रूपेश चंद्र वाष्णेय, 28 सितंबर 1987 से
- अनुराधा शुक्ला, 17 सितंबर 1990 से
- हिरदेश, 5 जुलाई 1990 से
- प्रेम नारायण सिंह, 16 जुलाई 1990 से
- अचल कुमार पालीवाल, जुलाई 1990 से
- संजीव कलगांवकर, 24 मई 1994 से
- अवनींद्र कुमार सिंह, मई 1990 से
जानिए जजों के बारे में
- रूपेश चंद्र वैष्णव – मध्यप्रदेश में जिला कोर्ट में जज रहे हैं। मूलतः उत्तर प्रदेश के रहने वाले रूपेश चंद्र ने बीए की पढ़ाई के बाद वकालत की पढ़ाई की। इसके बाद वह न्यायिक सेवा से जुड़ गए।
- अनुराधा शुक्ला – 17 सितंबर 1990 को न्यायिक सेवा में शामिल हुईं और मध्य प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा की सदस्य रहीं। न्यायिक कार्रवाई और गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजियम ने अनुराधा शुक्ला को हाईकोर्ट जज की नियुक्ति के लिए उपयुक्त माना।
- संजीव सुधाकर कलगांवकर – बालाघाट जिले के छोटे से शहर बैहर से आने वाले संजीव सुधाकर कलगांवकर 24 मई 1994 को न्यायिक सेवा में आए थे। 23 फरवरी 1970 को जन्मे संजीव सुधाकर का 1992 में 22 साल की उम्र में मध्यप्रदेश में सेवा के लिए चयन हुआ था। साल 2006 में 36 वर्ष की आयु में संजीव सुधाकर ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा पास की।



