विदिशा

शहर में सार्थक पहल: गरीब बेटी की शादी के लिए महिलाओं ने जुटाई गृहस्थी की सामग्री

विदिशा डेस्क :

बिटिया बोझ नहीं वरदान होती है। इस कहावत को शहर की समाज सेवा करने वाली चंद महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है। विदिशा शहर की कच्ची धर्मशाला में खाना बनाने का काम करने वाली भारतीय कुशवाहा का विवाह 5 मई को होना है । पांच बेटियों के परिवार में भारतीय तीसरे नंबर की है।

घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं इसीलिए समाजसेवी अतुल शाह के आव्हान पर शहर के लोग आगे आए और उन्होंने बिटिया को गृहस्थी का सामान एकत्रित कर दान कर दिया। इसके साथ ही संकल्प लिया कि 5 मई को आगे आकर बिटिया का कन्यादान भी करेंगे ।

शुक्रवार विश्व हिंदू परिषद की मातृ शक्ति दुर्गा वाहिनी और कृष्णा महिला ग्रुप के सदस्यों ने बाजार से संपूर्ण दहेज सामग्री खरीदी और बिटिया को भेंट कर आशीर्वाद दिया। वहीं 5 मई को जब विदिशा बारात पहुंचेगी तो ये महिलाएं बारातियों का स्वागत कर शादी में खूब नाच ,गाकर पाणि ग्रहण संस्कार कर इस बेटी को खुशी-खुशी विदा करेंगी।

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