पं. प्रदीप मिश्रा का पुतला जलाया: कथावाचक पर राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज करने की मांग, अजाक्स बोला- EOW से प्रॉपर्टी की जांच कराएं, नहीं तो जहां भी कथा होगी, वहां विरोध करेंगे
उज्जैन डेस्क :
अजाक्स संगठन से जुड़ी महिलाओं ने कहा- यदि 8 दिन में केस दर्ज नहीं हुआ, तो पं. मिश्रा की कथा जहां भी होगी, वहां अजाक्स विरोध-प्रदर्शन करेगा। मध्यप्रदेश सरकार जिस तरह से अपराधियों के मकान तोड़ने की कार्रवाई कर रही है, इसी तरह पं. मिश्रा का मकान भी तोड़ा जाना चाहिए।
बहुजन समाज पार्टी से जुड़े धर्मेंद्र सोलंकी ने कहा कि पं. प्रदीप मिश्रा ने सीहोर में कथा के दौरान सार्वजनिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय एकता के प्रतीक और विश्व के सबसे महान संविधान को बदलने की टिप्पणी की। ऐसा कर उन्होंने भारत के संविधान का अपमान किया है। उनकी मंशा देश में नफरत फैलाने की प्रतीत होती है।
पं. मिश्रा पर राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज करने की मांग
आंबेडकर छात्र संगठन के राम सोलंकी ने कहा- संविधान विरोधी मानसिकता रखने वाले पं. प्रदीप मिश्रा के विरुद्ध द्वेषता, अशांति, नफरत फैलाने और राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज किया जाना चाहिए। साथ ही पं. मिश्रा के कार्यक्रमों पर अंकुश लगाया जाए। अवैध तरीके से अर्जित की गई प्रॉपर्टी पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से जांच कराई जाए।
पिछले साल नर्मदापुरम में गीत के जरिए कहा था- संविधान बदलो…
पिछले साल 2022 में भी पं. प्रदीप मिश्रा ने संविधान बदलने की बात कही थी। नर्मदापुरम में पिछले साल 3 मई से 9 मई तक शिवमहापुराण कथा थी। यहां पंडित प्रदीप मिश्रा लोगों को भगवान शिव की महिमा के बारे में बता रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गीत के जरिए हिंदू राष्ट्र बनाने की अपील की थी। इसके बोल कुछ यूं थे…
सोने की चिड़िया को अब सोने का शेर बनाना है।
सोने की चिड़िया को अब सोने का शेर बनाना है।।
संविधान को बदलो… हमको हिंदू राष्ट्र बनाना है।
संविधान को बदलो… हमको हिंदू राष्ट्र बनाना है।।
ओ जय हो हिंदुस्तान… मेरे प्यारे हिंदुस्तान।
जय हो हिंदुस्तान… मेरे प्यारे हिंदुस्तान।।
उक्त गीत के दूसरे ही दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था, मैंने कोई संविधान का अपमान नहीं किया। भजन के माध्यम से भारत देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संविधान में समय की अनुकूलता अनुसार बदलाव की बातें कही। भजन में केवल एक भाव कहा गया है, किसी भी तरह के संविधान को अपशब्द नहीं कहे गए। अगर भजन में कुछ गलत हो तो मैं माफी मांग सकता हूं।



