भोपाल

गांधी फिर विवादों में: गांधी के प्रपौत्र तुषार बोले- राजनीति में राहुल के रूप में उठ रही भरोसे की आवाज, राहुल कोर्ट में भी माफी न मांगें

भोपाल डेस्क :

गांधी फिर विवादों में हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक कार्यक्रम में दावा किया कि महात्मा गांधी के पास लॉ की डिग्री नहीं थी। उनके पास सिर्फ हाईस्कूल का एक डिप्लोमा था। महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने इसे गलत करार दिया और कहा कि बापू के पास लाॅ की डिग्री थी। गांधी पर उठते सवालों, देश में बढ़ रही नफरत और राजनीतिक दुश्मनी के बढ़ते मामलों पर उन्हाेंने भास्कर से बात की।

राहुल गांधी ने कोर्ट में माफी नहीं मांगी, कहा – वे सावरकर नहीं गांधी हैं और गांधी माफी नहीं मांगते। क्या माफी मांगकर संसद में रहना ज्यादा बेहतर नहीं होता?
अगर वे माफी मांगते तो साबित होता कि उन्होंने जो कहा था, वह सच नहीं था। राहुल के बयान में किसी जाति का अपमान या उस पर अटैक करने की मंशा नहीं थी। मुझे नहीं लगता है कि उन्होंने जो भी कहा था, उसमें किसी के लिए घृणा थी। भाजपा उस बयान पर जातिवादी रंग लगाना चाहती है। पूरी दुनिया जानती है कि जिनके बारे में बात की गई थी, उन्होंने क्या किया है। अगर राहुल बड़ी अदालत में दोषी साबित हो जाएं, तो भी मुझे लगता है कि उन्हें माफी नहीं मांगनी चाहिए। ये तो एतिहासिक तथ्य है कि सावरकर ने माफी मांगकर अपनी रिहाई करवाई थी। ये ऐसी मनगढ़ंत बात नहीं है, जैसे कहा जा रहा है कि बापू के पास डिग्री नहीं थी।

आप राहुल के साथ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में गए थे। उनका व कांग्रेस का क्या भविष्य हैं?
राहुल गांधी के बारे में मेरे मन मे काफी सम्मान है। इसीलिए मैं ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में गया था। पिछले 4 से 8 साल की बात करूं तो सिर्फ एक भरोसे लायक आवाज राजनीति में उठ रही है, वो राहुल गांधी की है। उन्होंने खुद को काफी बदला है। उन्होंने एक अलग तरह का नेतृत्व करने के लिए काफी मेहनत की है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व को अपने-आप को सुधारना होगा।

देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात हो रही है। गांधी भी धर्म को राजनीति का अहम हिस्सा मानते थे। हिंदू राष्ट्र में क्या दिक्कत है?
हिंदुओं का राष्ट्र तो भारत हमेशा से रहा है, लेकिन जो लोग हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं वे पॉलिटिकल हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं। ये भूमि हमेशा से हिंदुओं के राष्ट्र की रही है, इसी भूमि की स्वतंत्रता के लिए बापू लड़े। उन्होंने गैर हिंदुओं के किसी राष्ट्र को बनाने की लड़ाई नहीं लड़ी थी। उनके हिंदू राष्ट्र की कल्पना में गांधी की कोई जगह नहीं है।

भाजपा के नेता अक्सर कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की बात कहते हैं, क्या ये संभव है?
भाजपा के लिए मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि वह साफ बोल देती है। संसद में बैठे लोग कहते हैं कि राष्ट्रपिता कोई नहीं होता, तो बापू की हर प्रतिमा के आगे सिर झुकाकर खड़ा रहने वाले और अपनी तस्वीर निकलवाने वाले प्रधानमंत्री कुछ क्यों नहीं बोलते।

सक्रिय राजनीति का कोई विचार है?
मैं इलेक्टोरल पॉलिटिक्स में नहीं जाऊंगा, पर एक्टिव पॉलिटिक्स में रहूंगा। मेरा लक्ष्य है संघ की राजनीति को हराना। उसके लिए अगर मुझे कांग्रेस के साथ खड़ा रहना पड़े या वामपंथियों के साथ या फिर सोशलिस्ट के साथ खड़ा होना पड़े ताे मैं खड़ा होऊंगा।

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