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शिवपुरी में बड़ा हादसा, एक ही कुटुंब के 7 लोग चंबल नदी में गिरे: कोई मन्नत मांगने तो कोई मुराद पूरी होने पर कैला माता के दर्शन करने राजस्थान जा रहा था

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शिवपुरी के 7 लोग चंबल नदी को पार करते हुए बह गए। इनमें से तीन लोगों के शव मिले हैं, बाकी चार की तलाश की जा रही है। ये एक ही कुटुंब के 17 सदस्य राजस्थान के करौली की कैलामाता के दर्शन करने पैदल यात्रा पर निकले थे। टेंटरा थाना क्षेत्र में पड़ने वाली चंबल नदी को पार करते समय हादसा हो गया। आज दो शवों का अंतिम संस्कार चिलावद गांव में किया गया। इधर एनडीआरएफ की टीम और प्रशासन अब भी लापता चार लोगों की तलाश कर रही है।

सभी श्रद्धालु कोलारस अनुविभाग के तेंदुआ थाना क्षेत्र के चिलावद गांव के रहने वाले कुशवाह परिवार से थे। आज अलसुबह देवकीनंदन पिता हीरा कुशवाह और कल्लो कुशवाह पति चेंऊ कुशवाह के शव चिलावद गांव लाए गए। शव पहुंचते ही गांव में चीख पुकार मच गई। अंतिम संस्कार में पूरी गांव उमड़ पड़ा।

कोई मन्नत पूरी होने तो कोई मुराद मांगने निकला था

ग्रमीणों ने बताया कि जो लोग कैलादेवी पैदल यात्रा पर गए थे, उनमें कुछ लोग मन्नत पूरी होने पर मां के दर्शन करने जा रहे थे। वहीं कुछ लोग मन में मुराद लेकर मां से अर्जी लगाने के लिए रवाना हुए थे। कुशवाह परिवार के सदस्यों ने बताया कि मृतक कल्लो कुशवाह ने मां से मन्नत मांगी थी कि उसके भाई के यहां बेटा हो जाए तो वह कैला माता मंदिर तक पद यात्रा कर दर्शन करेगी। कल्लो के भाई के यहां बेटा हो गया था, इसी के चलते वह मन्नत पूरी होने पर पति के साथ दर्शन करने निकली थी। कल्लो की मन्नत पूरी होने की बात पता चलने पर उसके जेठ देवकीनंदन और सास अलोपा ने बेटे दीपक व बहू रुकमणि के साथ पद यात्रा करने का प्रण ले लिया। उन्होंने लड़का होने के लिए मन्नत मांगी है। परिवार की महिलाओं ने बताया कि दीपक और रुकमणि की शादी को कई साल हो गए, लेकिन बच्चा नहीं हुआ।

देवकीनंदन के छोटे भाई सेवक कुशवाह के बेटे सुनील की शादी पिछले साल ही रश्मि से हुई थी। बहू की गोद भरने की मन्नत लेकर सेवक की पत्नी संतरा अपने बेटे सुनील व बहू रश्मि के साथ मां के दरबार तक पद यात्रा कर रही थी। पीड़ित परिवार के सदस्यों की माने तो हर साल उनके गांव सहित पूरे क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालुओं के जत्थे पद यात्रा करते हैं। यह बात परिवार को पता चली तो वे भी अपनी मुराद लेकर कैलादेवी के दर्शन के लिए निकल पड़े।

फसल कटने से पहले तय हो गई पद यात्रा की तारीख

कुशवाह परिवार के 17 सदस्यीय जत्थे में शामिल 35 साल के चेंऊ कुशवाह ने बताया कि नवरात्रि में पद यात्रा की सहमति फसल कटने से पहले बनी थी। सभी लोग उत्साहित थे। सदस्यों की संख्या भी बढ़ गई। 14 मार्च को निकलने की तारीख तय हो चुकी थी। चेंऊ कुशवाह ने बताया कि चिलावद गांव से निकलने बाद रात्रि विश्राम करने के हम सभी शिवपुरी के बैरगवां रुके थे। इसके बाद सुबह 7 बजे फिर आगे बढ़ गए थे। दूसरी रात हम विजयपुर के छिमछिमा हनुमान मंदिर पर रुके थे। यहां तक पहुंचने के बाद भी किसी को थकान तक नहीं हुई थी। इसके बाद दो रात्रि विश्राम रास्ते में पड़ने वाले गांव में किए थे। 18 मार्च की सुबह 7 बजे हम टेंटरा थाना क्षेत्र के चंबल किनारे थे।

ये गए थे यात्रा पर

14 मार्च की सुबह 9 बजे देवकीनंदन (50) पिता हीरा कुशवाह, अलोखा (45) पति देवकीनंदन कुशवाह, दीपक (25) पिता देवकीनंदन कुशवाह, रूकमणि (20) पति दीपक कुशवाह, लवकुश (10) पिता थान सिंह कुशवाह (10), संतरा (40) पति सेवक कुशवाह, सुनील (22) पिता सेवक कुशवाह, रश्मि (19) पति सुनील कुशवाह, चेंऊ (35) पिता ठकुरी कुशवाह, कल्लो (30) पति चेंऊ कुशवाह, बृजमोहन (20) पिता रामप्रकाश कुशवाह, धनीराम (25) पिता खेरा कुशवाह, राकेश (36) पिता मुरारी कुशवाह, संपत (32) पति राकेश कुशवाह, रामश्री (25) पति वचनलाल कुशवाह निवासीगण चिलावदा, जानकी लाल पुत्र हक्के कुशवाह निवासी कोलारस, दीपक पुत्र अमर सिंह कुशवाह निवासी करमाजकला माता के जयकारे लगाते हुए चिलावद गांव से रवाना हुए थे। गांव के लोग जत्थे को गांव के बाहर तक छोड़ने आए थे।

नदी में हाथ पकड़ा था, तेज बहाव में छूट गया

चेंऊ कुशवाह ने बताया कि चंबल नदी में तेज धार बह रही थी, मैं और मेरे साथ एक दो ही लोग ऐसे थे जो पहले भी करौली धाम की यात्रा पैदल कर चुके थे। हमने पहले सभी एक दूसरे का हाथ थामने और किसी भी हालात हाथ न छोड़ने की नसीहत दी थी। देवकीनंदन ने 10 साल के लवकुश को अपने कंधे पर बैठा लिया था। सभी लोग एक दूसरे का हाथ पकड़कर गंगा मैया और चंबल मैया के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जैसे चंबल के बीच मझधार में पहुंचे तभी एक रेत का गड्ढा नदी में आ गया था, इसके बाद महिलाओं का संतुलन बिगड़ गया और हाथ छूटते ही परिवार के सात सदस्य बह गए।

तीन के मिले शव

चेंऊ कुशवाह ने बताया कि शनिवार को घटना के बाद लापता परिवार के सदस्यों का रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया था। देवकीनंदन और मेरी पत्नी कल्लो का शव पानी में तैरते हुए मिल गए थे। आज अनूपा कुशवाह का शव रेस्क्यू टीम में ढूंढ निकाला है। अभी भी परिवार के चार सदस्य लापता है।

ये लोग डूबे नदी में

1. देवकीनंदन पुत्र हीरा कुशवाह 60 साल 2. धनीराम पुत्र हीरा कुशवाह 30 साल 3. रुकमणी पत्नी दीपक कुशवाह 4. लवकुश पुत्र धाम सिंह कुशवाह 5. कल्लो पत्नी श्याम कुशवाह 6. ब्रजमोहन पुत्र पप्पू कुशवाह 7. रश्मि पत्नी सुनील कुशवाह

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