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6‎ जिले के परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए कार से‎ पहुंच रहे , 10वीं-12वीं की परीक्षा में नकल कराने के लिए रिश्वत: स्टूडेंट्स से 10-10 हजार रुपए ले रहा था पर्यवेक्षक, लोकायुक्त ने पकड़ा

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दमोह में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में रिश्वत लेकर नकल कराने का मामला सामने आया है। सागर लोकायुक्त ने शुक्रवार को दमोह के नरसिंहगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात एक शिक्षक को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह शिक्षक बोर्ड परीक्षा में नकल कराने के एवज में 10-10 हजार रुपए मांग रहा था। इस बात की शिकायत एक छात्रा के पिता ने सागर लोकायुक्त से की थी।

लोकायुक्त एडिशनल एसपी राजेश खेड़े ने बताया कि पथरिया ब्लॉक के देवलाई गांव में रहने वाली छात्रा के पिता की शिकायत के बाद टीम नरसिंहगढ़ पहुंची थी। यहां पर शिक्षक घनश्याम पिता पन्नालाल अहिरवार छात्रों को नकल कराने के बदले 10-10 हजार रुपए मांग रहा था। एक छात्रा पैसे देने में असमर्थ थी। इसके बाद भी शिक्षक ने उस पर रुपए देने के लिए दबाव बनाया था। छात्रा के पिता ने शिक्षक को 2 हजार रुपए एडवांस दिए। इसके बाद लोकायुक्त में शिकायत कर दी। शिकायत के बाद टीम सीता नगर जाने वाले मार्ग पर पहुंची और आरोपी शिक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

छात्रा के पिता को दिए केमिकल युक्त नोट

एडिशनल एसपी खेड़े ने बताया कि आज परीक्षा नहीं थी, लेकिन शिक्षक के द्वारा छात्रों के परिजन को फोन लगाकर उनसे रुपए मांगे जा रहे थे। इन्हीं में शिकायतकर्ता की बेटी भी शामिल थी। फोन आने के बाद टीम ने केमिकल युक्त नोट पिता को दिए और उसे शिक्षक के पास भेज दिया। जैसे ही शिक्षक ने रुपए हाथ में लिए टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी शिक्षक इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

छात्रा के पिता का कहना है कि उनसे शिक्षक ने पहले 2 हजार रुपए लिए और फिर 5 हजार और लिए। शिक्षक का कहना था कि उनकी बेटी को नकल कराकर अच्छे नंबरों से पास करा देंगे। मेरे पास पैसे नहीं थे, इसलिए मैंने लोकायुक्त में शिकायत कर दी। कार्रवाई करने वाली टीम में लोकायुक्त डीएसपी प्रफुल्ल श्रीवास्तव, टीआई बीएम द्विवेदी, हवलदार अजय क्षेत्रीय, आशुतोष व्यास, सुरेंद्र सिंह, संजीव अग्निहोत्री और संतोष गोस्वामी शामिल रहे।

छात्रा के पिता ने बताया कि मेरी बेटी 12वीं में पढ़ रही है। बच्ची काे पास करवाने के लिए टीचर घनश्याम ने 10 हजार रुपए की मांग की थी। दाे दिन में 7 हजार रुपए लिए। इन्हाेंने कहा था कि हमने बेटी काे नकल करवाई है। कल दाे हजार रुपए लिए थे, आज 5 हजार रुपए की मांग की थी। इसके बाद शिकायत लेकर लाेकायुक्त सागर के पास गया। उन्हाेंने नरसिंहगढ़ तिराहे पर मिलकर टीचर को रुपए दिए। इसके बाद टीम ने टीचर को ​​​​​​पकड़ लिया।

नकल के लिए बदनाम केंद्र में 6 जिले से‎ परीक्षा देने आ रहे 500 से ज्यादा परीक्षार्थी‎

दमोह‎ जिले के तेंदूखेड़ा के सीएम राइज‎ स्कूल में चल रही बोर्ड परीक्षा हर‎ किसी को चौंका रही है। यहां पर‎ एक दो नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के 6‎ जिले के परीक्षार्थी 10वीं और 12वीं‎ की परीक्षा देने के लिए कार से‎ पहुंच रहे हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र‎ के बाहर सड़क के दोनों ओर‎ वाहनों का जमावाड़ा लग जाता है।‎ इस केंद्र में नकल न हो, इसके लिए‎ जिला प्रशासन ने पुलिस से लेकर‎ सारे इंतजाम किए हैं। इसके‎ बाद भी केंद्र के अंदर तक बाहर से‎ नकल पहुंचाई जा रही है।

यहां पर‎ एक चार का पुलिस बल, चार‎ निजी सुरक्षा गार्ड, 25 कक्ष में‎ सीसीटीवी कैमरे और 20 शिक्षकों‎ का अमला तैनात किया है। इस‎ परीक्षा केंद्र में दमोह और तेंदूखेड़ा के नाम मात्र के 20 प्रतिशत‎ नियमित छात्र हैं, बाकी 80 प्रतिशत‎ छात्र जिले से सटे जबलपुर,‎ नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पन्ना‎ और छतरपुर के हैं। इन सभी‎ परीक्षार्थी ने तेंदूखेड़ा के निजी‎ गुरुकुल हायर सेकंडरी स्कूल से‎ परीक्षा फॉर्म भरा है।‎

गुरुवार को हायर सेकंडरी बोर्ड‎ परीक्षा का 12वीं विषय के हिंदी का‎ पेपर था। पेपर देने के लिए लोग‎ चार और दो पहिया वाहन से यहां‎ पहुंचे थे। केंद्र के गेट के सामने‎ सड़क के दोनों ओर वाहनों की‎ लंबी कतारें थीं और इनमें‎ नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा,‎ जबलपुर, मंडल, छतरपुर, पन्ना‎ पॉसिंग वाहनों के नंबर थे। पड़ताल‎ के दौरान सुबह 9 बजे जब छात्रों ने‎ प्रवेश किया तो उनके जूते, चप्पल‎ और बैग बाहर रखवा दिए, लेकिन‎ कई छात्र हाथ में स्मार्ट वॉच बांधे‎ चले गए, परीक्षा के दौरान जब‎ केंद्राध्यक्ष जेपी पटेल की नजर पड़ी‎ तो उन्होंने सभी स्टूडेंट की घड़ी‎ हाथ से उतरवाईं और उन्हें जब्त‎ करके प्राचार्य कक्ष में रखवा लिया।‎

10वीं की परीक्षा भी यहीं से दी थी,‎ पेपर सही नहीं गया, मैडम ने रोका
‎सेंटर पर जबलपुर से पेपर देने आए छात्र अजीत‎ ने बताया कि इस यहां पर सख्ती दिखाई‎ जा रही है। दो साल पहले उसने यहां से 10वीं‎ की परीक्षा दी थी, तक कोई सख्ती नहीं थी।‎ सोचा था कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन इस‎ बार नकल कराने में रोक टोक कराई जा रही है।‎ मेरे कक्ष में जो टीचर थे, उन्होंने नकल करने में‎ बार-बार आपत्ति ली। इसलिए इस बार पास होना‎ मुश्किल लग रहा है।

जबलपुर के रहने वाले मुकेश अपने पिता के साथ पेपर देने के लिए‎ पहुंचा था। मुकेश अंदर पेपर देता रहा, बाहर पिता‎ इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे वह पेपर देकर‎ बाहर निकला। पूछने पर बताया कि इस बार‎ नकल कम करने के लिए मिली है। इसलिए पास‎ होना मुश्किल लग रहा है। पेपर सही नहीं गया।‎ एक मैडम ने बार-बार हमें रोका।‎

दमोह डीईओ एसके मिश्रा का कहना है कि सीएम साइज स्कूल में एक प्राचार्य की ड्यूटी लगाई है। वे केवल सीसीटीवी कैमरे देख रहे हैं। यदि फिर भी नकल हो रही है ताे मैं जांच प्रतिवेदन मांगता हूं। दूसरे प्राचार्य काे ड्यूटी पर भेजा जाएगा।

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