भोपाल

प्रदेश की राजनीति में खलबली मची, पूर्व सीएम ने कहा BJP में 3 गुट, नाराज भाजपा-शिवराज भाजपा-महाराज भाजपा: दिग्विजय ने बताई परिभाषा, भाजपा ने कहा- कार्यकर्ता ने मेहनत का नतीजा

भोपाल डेस्क :

इन दिनों मध्यप्रदेश भाजपा में नाराज नेताओं की बयानबाजी से प्रदेश की राजनीति खलबली मची है। इस बीच, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा में तीन गुट बन गए हैं। ये तीन गुट-शिवराज भाजपा, महाराज भाजपा, नाराज भाजपा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा को चने खाकर बनाया, उनके परिवार धक्के खा रहे हैं। इस पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि दिग्विजय ने स्वीकार तो किया कि कोई सोने की चम्मच लेकर भाजपा या जन संघ में नहीं आया। कार्यकर्ता ने यहां परिश्रम किया, मेहनत की और पसीना बहाया। वास्तव में चने खाकर संघर्ष करके भाजपा को खड़ा किया है।

दिग्विजय ने बताई तीनों गुटों की परिभाषा

दिग्विजय ने कहा कि 20 साल में शिवराज भाजपा मालम-माल, 3 साल में महाराज भाजपा मालम-माल। इन दो भाजपा का उद्देश्य ‘धन सेवा’ है, जन सेवा नहीं है। तीसरी है- नाराज भाजपा, जिसने खून- पसीना बहा कर पहली दो भाजपा को सत्ता सौंपी, लेकिन उन्हें धन सेवा से दूर रखा। केवल आदर्श का पाठ पढ़ाते रहे। वे ईमानदारी से भाजपा की सेवा करते रहे। नतीजा- अपने आसपास तीनों वर्गों के भाजपाई नेताओं, उनके बच्चों और उनके परिवारों की हालत देख लें।

वहीं, दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर की। इसमें लिखा- 20 साल में ठेकेदार व दलाल मालामाल हो गए। जिन भाजपा व संघ के ईमानदार नेताओं कार्यकर्ताओं ने खून-पसीने से चने खाकर भाजपा को खड़ा किया, वे और उनके परिवार धक्के खा रहे हैं।

संघ-बीजेपी नेता अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम पढ़ाते हैं, हमें शिशु मंदिर की सलाह

दिग्विजय सिंह ने संघ और बीजेपी नेताओं पर हमला बोलते हुए लिखा है- भाजपा और संघ के बड़े नेता भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके बच्चों को “सरस्वती शिशु मंदिर” में पढ़ने की सलाह देते हैं। खुद के बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भेजते हैं। उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजते हैं। उदाहरण के लिए शिवराज के बच्चों को ही देख लो। विदेश से पढ़ कर आए हैं। मेरी भाजपा व संघ के बड़े नेताओं को सलाह है कि प्रैक्टिस बिफोर यू प्रीच (उपदेश देने से पहले खुद अमल करो), यानी कि सलाह देने के पहले खुद के बच्चों को हिंदी मीडियम सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने भेजें।

बिके हुए लोगों की कांग्रेस में नहीं हो सकती वापसी कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि सिंधिया के कई समर्थक, जो भाजपा के डूबते जहाज को पहले मदद करने गए थे। वे वापस कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि कोई पार्टी छोड़कर जाता है, तो उसकी वापसी पर शीर्ष नेतृत्व विचार कर सकता है, लेकिन यदि कोई बिका हुआ है, तो उसके लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद हो गए हैं।

कांग्रेस कोई धर्मशाला नहीं

केके मिश्रा ने कहा- कांग्रेस पार्टी धर्मशाला नहीं है कि कोई भी आए और गद्दी, तकिया, चादर देखकर विश्राम करने के लिए कांग्रेस में एंट्री ले। स्वार्थों की सिद्धि के लिए वापस जहरीली विचारधारा के साथ मिल जाए। जिन लोगों को हम एक बार पहचान चुके हैं। दूसरी बार उनके प्रवेश करने को लेकर गलती नहीं करेंगे।

केके मिश्रा ने दावा किया कि सिंधिया के कई समर्थक ऐसे हैं, जो मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता और नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, कमलनाथ से संपर्क करके कह रहे हैं कि हम माफी मांगने को तैयार हैं, हमें टिकट का प्रॉमिस कर दें। ये बात हमारे नेता राहुल गांधी ने इंदौर में भी कह चुके हैं कि जो व्यक्ति बिक कर गया है, उसे कांग्रेस में लेने की गुंजाइश नहीं है।

अब भाजपा का पलटवार

भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा- अच्छा है कि दिग्विजय सिंह ने खुद स्वीकार किया कि भाजपा कार्यकर्ता काम करके ऐसे कठिन रास्ते से भी विचार खड़ा करने का काम करता है। ऐसे अनेकों कार्यकर्ता हैं, जिनके परिश्रम से इतना विशाल रूप बना है।

कार्यकर्ता ने पार्टी में परिश्रम किया, मेहनत की और पसीना बहाया। वास्तव में चने खाकर जिन्होंने संघर्ष किया, उन्होंने पार्टी खड़ी की। वो सेवा करने आया न कि धन उपार्जन के लिए। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में यही मूल अंतर है।

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