बेतवा तट स्थित शनि मंदिर परिसर में विराजी हैं ताले वाली माता, यह दुश्मनों के इरादे कैद करने बेरी के पेड़ पर लगे मन्नतों के ताले
विदिशा डेस्क :
भगवान के दर पर किस्मत का ताला खुलवाने के लिए मन्नत मांगते कई बार श्रद्धालुओं को देखा होगा, लेकिन विदिशा में एक ऐसा अनूठा मंदिर है, जहां दुश्मनों की चालों को बंद करने के लिए मन्नतें मांगी जाती है। हम बात कर रहे हैं बेतवा तट स्थित शनि मंदिर परिसर में ताले वाली माता मंदिर की। यहां श्रद्धालु अपने दुश्मनों को कमजोर करने के लिए उनका नाम लेकर 15 फीट बेरी के पेड़ पर ताला जड़कर चाबी देवी के सामने रख जाते हैं। अब हालात ये हैं कि पेड़ पर इतने ज्यादा ताले लगाए गए कि डालियां ही टूट गईं।
शनि मंदिर के पुजारी राधेलाल जोशी बताते हैं करीब 30 साल पहले मंदिर परिसर में ही मिट्टी और कीचड़ में निकली तीन देवियों की प्रतिमा को स्थापित किया था। शुरुआत में लोगों ने ताले लगाए तो उनकी मन्नतें पूरी हो गई, जिस कारण ये विश्वास बढ़ता चला गया। शनिवार, मंगलवार और गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु ताला लगाने आते हैं।
चाबियों को हम एक जगह रख देते हैं। पेड़ पर ताले लगाने की जगह नहीं बची। इसलिए अब जंजीर में श्रद्धालु ताला लगा देते हैं। ताले वाली माता के पास ही बेरी माता और खुल्लू माता है। अब तक मैने हजारों ताले जमीन में गढ़ा दिए हैं और कई नदी में बहा दिए है।
मान्यता
पुजारी और श्रद्धालु बताते हैं कि मन्नतों का ताला जब लगता है तो माता भक्तों की किस्मत के ताले जल्दी ही खोल देती हैं। यही वजह है कि कई लोग लड़ाई-झगड़ों के अलावा कोर्ट, कचहरी, जमीन विवाद सुलझाने की मन्नत लेकर भी यहां आते हैं।



