नगमा पिपरिया गांव में खूनी संघर्ष में एक की ओर मौत: गुस्साए परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम, आरोपियों खिलाफ कार्रवाई की मांग की
विदिशा डेस्क :
विदिशा के ग्रामीण इलाके में चार दिन पहले हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि एक व्यक्ति का भोपाल में इलाज चल रहा था, जिसकी सोमवार काे मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने सोमवार को विवेकानंद चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने चक्काजाम करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ ही उनके अवैध निर्माण को तोड़ने की मांग की।
6 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन गंजबासौदा के नगमा पिपरिया गांव में एक परिवार के ही सदस्यों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था, जिसमें एक पक्ष के कुछ लोगों ने दूसरे पक्ष पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। हमले में 35 साल के ज्ञान सिंह मीणा की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, उनके बड़े भाई राजेंद्र सिंह, महेश और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। महेश और एक अन्य व्यक्ति का अभी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
वहीं, राजेंद्र की हालत गंभीर होने पर उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई। राजेंद्र की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने विदिशा के विवेकानंद चौराहे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने आरोपी के द्वारा घर पर पथराव करने की शिकायत करते हुए आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया है, उस पर मामा का बुलडोजर चलना चाहिए।
सूचना मिलने के बाद सीएसपी विकास पांडे, एसडीएम गोपाल सिंह वर्मा मौके पर पहुंचे। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी समीर यादव भी विवेकानंद चौराहा पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एएसपी समीर यादव ने बताया कि एक विशेष टीम बनाकर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इसके साथ ही आरोपियों पर इनाम भी घोषित कर दिया गया है। राजस्व अमले से बातचीत कर आरोपियों के अवैध निर्माण की जानकारी जुटाने की बात कही है।



