जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पर बट्टा: 47 प्रसव केंद्रों में से 22 निष्क्रिय, 4 में एक भी प्रसव नहीं हुआ
विदिशा डेस्क :
जिले में प्रसूताओं को स्थानीय स्तर पर प्रसव की सुविधा से आज भी महरूम होना पड़ रहा है। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर बट्टा लग रहा है। हालत यह है कि जिले में बनाए गए 47 प्रसव केंद्रों में से 22 निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग यहां बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के बजाए हटाने की कवायद में जुटा हुआ है। जिले के चार प्रसव केंद्रों पर तो एक भी प्रसव नहीं हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक को पत्र भेजकर जिले के इन चार निष्क्रिय प्रसव केंद्रों का पुनः निर्धारण करने के लिए किसी का भवन पुराना होने, किसी का रास्ता खराब होने या फिर उनके आसपास सीएचसी या सिविल अस्पताल होने जैसी वजह बताकर संबंधित केंद्र को हटाने की सिफारिश की है।
एक तरफ जहां राज्य सरकार व केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास खासा बजट भी दे रही कर रही हैं, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग में मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए निगरानी का अभाव देखने को मिल रहा है।



