
सिरोंज डेस्क :
सिरोंज के संजीवनी अस्पताल में भर्ती मरीज की बुधवार रात मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल के स्टाफ ने परिजनों को जानकारी नहीं दी। वे मरीज के शव और उसके बच्चे को कार में बैठाकर सिरोंज के सरकारी अस्पताल में छोड़कर चले गए। यहां डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे का कहना है कि पिता के सीने में दर्द होने के बाद उन्हें अस्पताल लाए थे।

जिले के अहमदाबाद खिल्ली गांव के रहने वाले हरनाथ सिंह अहिरवार को सीने में दर्द होने के बाद मंगलवार शाम करीब 7 बजे भर्ती किया गया था। हरनाथ का बेटा रवि उनके साथ आया था। रवि ने बताया कि संजीवनी अस्पताल में भर्ती करने के बाद हरनाथ का इलाज शुरू हुआ। उन्हें इंजेक्शन दिया गया। स्टाफ ने बॉटल भी लगाई। कुछ मशीनों से जांच की। करीब चार घंटे बाद रात 10 बजे डॉक्टर पिताजी की छाती जोर-जोर से दबाने लगे। मैं पास में खड़ा था। स्टाफ ने मुझसे कहा कि जीप या ऑटो बुला लो। मैं गाड़ी की तलाश में बाहर आया। यहां मुझे कुछ नहीं मिला, जिसके बाद अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ अपनी गाड़ी में बैठाकर हमें सिराेंज के सरकारी अस्पताल ले आए। यहां हमें छोड़कर चले गए। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि पिताकी काफी देर पहले मौत हो चुकी है।

बुधवार की दोपहर बीएमओ डॉ विकास सिंह ने बताया कि हरनाथ का इलाज बाहर निजी अस्पताल में हुआ था। हमारे अस्पताल में आने से पहले उनकी मौत हो चुकी थी। पीएम से पता चला कि कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल में मरीज को लेकर गए थे। उसकी जांच चल रही है। सिरोंज में चल रहे 50 से अधिक क्लिनिक व अस्पताल की जांच की जा रही है। इनमें नॉन क्वालीफाइड व फर्जी डॉक्टरों मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। जांच करने की बात कही है। बीएमओ ने कहा कि परिजन शिकायत करेंगे तो पूरी जांच की जाएगी।



