ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास से मनाई बाबासाहेब की 132वीं जन्मजयंती
आनंदपुर डेस्क :
संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 132 वी जन्म जयंती ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। ग्राम काला देव मैं सरपंच प्रतिनिधि रामेश्वर शर्मा, रामवीर अहिरवार सहित ग्राम वासियों ने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के स्टैचू पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को साझा किया रामवीर ने बताया कि बाबा साहेब डॉ बाबासाहेब के संविधान की बदौलत आज हम सब एक जगह शांतिपूर्ण तरीके से कोई भी तीज त्यौहार मिलकर मना सकते हैं और मनाते हैं बाबासाहेब आंबेडकर ने पूरे भारत में शिक्षा की अलख जगाई है और सभी को बराबरी का अधिकार दिया है। समाजसेवी लालाराम अहिरवार ने कहा कि जब तक हम हमें कैसे पता चलेगा कि वास्तव में हकीकत है क्या इसलिए हम सभी को प्रतिदिन संविधान का अध्ययन करना चाहिए, हम सभी को हर एक महत्वपूर्ण जानकारी के लिए महापुरुषों की लिखी हुई किताबों का अध्ययन करना चाहिए कहने और सुनने से कुछ नहीं होता आप सभी भारतीय संविधान को पढ़कर तो देखें तब आपको पता चलेगा कि बातें ही यह दुनिया का सबसे शानदार संविधान है यहां पर संविधान में किसी को भी किसी भी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया है सभी को स्वतंत्रता समानता का अधिकार दिया गया है।

ग्राम महोटी में भी ग्रामीणों द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पा माला चढ़ाकर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के विचारों को एक दूसरे से साझा करते हुए कहा कि एक समय था जब इंसान इंसान की परछाई से भी भेदभाव छुआछूत करता था लेकिन यह संविधान बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के संविधान की बदौलत कि हम सब समानता से रह सकते हैं। अनिल कुशवाहा ने बताया कि बाबासाहेब के संविधान की बदौलत कि आज हम सब यहां पर एकत्रित हुए हैं बाबा साहब ने सभी को समानता स्वतंत्रता और बंधुत्व से जीना सिखाया है महिलाओं के मुक्तिदाता भी बाबा साहेब अंबेडकर ही हैं और हम सभी को भारतीय संविधान का प्रतिदिन अध्ययन करना चाहिए तभी हम हमारे मूलभूत अधिकारों को जान पाएंगे



